मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक, तेल की बढ़ती कीमतों पर नहीं कोई हुआ फैसला

नेशनल डेस्कःनरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की बुधवार को कैबिनेट मंत्रियों की बैठक हुई, इसमें कई अहम मामलों पर चर्चा हुई। बैठक में कई अहम फैसले भी लिए गए। लेकिन देश में बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ।



मीटिंग खत्म होने के बाद पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तेलों के दाम पर सवाल पूछा, लेकिन उन्होंने इस पर जवाब देने की बजाय चुप्पी साध ली। प्रधान से पत्रकारों ने सवाल किया कि तेलों के दाम घटाने के लिए सरकार कीमतें घटाएगी या टैक्स में कुछ छूट दी जाएगी? प्रधान ने कहा कि बैठक कैबिनेट के फैसलों से संबंधित थी। न कि पेट्रोल डीजल से। हालांकि सरकार ने बुधवार को एथनॉल की कीमतों में 25 फीसदी बढ़ोतरी करने का फैसला किया। माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से चीनी मिलों को फायदा मिलेगा।



बता दें कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बढ़ती तेल की कीमतों को लेकर पहले ही चिंता जता चुके हैं। इस दौरान उन्होंने राज्यों को हिदायात दी कि वो VAT में कटौती करें। हालांकि केंद्र सरकार टैक्स घटाएगी या नहीं। इस पर वो चुप्पी साध गए। उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को वजह माना है। प्रधान लगातार कहते आ रहे हैं कि कच्चे तेल की सप्लाई करने वाले ओपेक देशों ने वादे के मुताबिक कच्चे तेल का उत्पादन नहीं किया और इसका असर सप्लाई पर पड़ रहा है। इसकी वजह से कीमतें बढ़ रही हैं।



प्रट्रोलियम मंत्री ने इससे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजारों मे बढ़ती तेल की कीमतों के लिए अमेरिका की नीतियों को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित है और जांच करने के लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं।



प्रधान ने कहा, अमेरिका की नीतियों के कारण दुनियाभर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करेंसी की कीमतें गिर रही हैं। भारत की करेंसी भी प्रभावित हुई है। तेल की कीमतें असामान्य रूप से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही तेल की कीमतें और रुपये का गिरना दोने के पीछे बाहरी वजहें हैं।

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