'मोदी केयर' से भाजपा का 'आयुष्मान भव'

नई दिल्ली: पांच राज्यों में इस साल प्रस्तावित विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत हेल्थ केयर योजना लांच कर दी जाएगी। उम्मीद है कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना की विधिवत शुरुआत करेंगे। केंद्र सरकार की यह अति महत्वाकांक्षी योजना है। इसके दायरे में देश के करीब 50 करोड़ लोग आएंगे। भाजपा उम्मीद कर रही है कि इस योजना से आने वाले चुनावों में उसे जनता से आयुष्मान भव का आशीर्वाद मिल सकता है। खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बंपर बढ़ोतरी कर उपज मूल्यों की मंदी झेल रहे करीब 62 करोड़ किसानों के जख्मों पर मलहम लगाने के बाद केंद्र सरकार गरीबों को स्वास्थ्य बीमा का फायदा देने की तैयारी में है। इस साल बजट में आयुष्मान भारत योजना के लिए बजट का प्रावधान सरकार पहले ही कर चुकी है। 


मंत्रालय सूत्रों की मानें तो योजना के लिए बीमा कंपनियों से शुरुआती बातचीत हो चुकी है। अब निजी क्षेत्र के अस्पतालों से भी बातचीत चल रही है। सूत्रों का कहना है कि 15 अगस्त तक योजना की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। एमएसपी का फायदा पाने वाले किसानों में से ऐसे तमाम किसान हैं, जो गरीबी रेखा के नीचे भी आते हैं। आयुष्मान भारत ऐसे ही गरीबों को ध्यान में रख कर शुरू की जा रही है। यानी देश के ऐसे तमाम लोग होंगे, जिन्हें दोहरा लाभ मिलने वाला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2017 की रिपोर्ट पर यकीन करें तो आयुष्मान भारत योजना के दायरे में देश की करीब 40 फीसदी आबादी आने वाली है। 

इतनी बड़ी आबादी को लुभाने के लिए केंद्र सरकार की यह अति महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत हर गरीब को सालाना 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसी योजना के तहत ही सरकार अस्पतालों के अपग्रेडेशन और हेल्थ सेंटर बनाने की योजना भी चला रही है। साथ ही नए मेडिकल कॉलेज और एम्स भी खोल रही है। इन परियोजनाओं से रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। 2019 से पहले सरकार अगर इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करा पाई तो इसका सीधा फायदा भाजपा को चुनावों में मिल सकता है।

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