ओमान में कर्मचारी ने केरल के बाढ़ पीड़ितों को लेकर की  टिप्पणी, मिली सख्त सजा

दुबईःओमान की एक कंपनी में कार्य़रत के कमचारी को केरल के बाढ़ पीड़ितों को लेकर सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करना भारी पड़ गया।  राहुल चेरू पलायट्टु  द्वारा की गई टिप्पणी के बाद उसको कंपनी ने बर्खास्त कर दिया है। मूल रूप से केरल के रहने वाले राहुल  यूएई की कंपनी लुलु ग्रुप ऑफ इंटरनेशनल में कैशियर के पद पर कार्यरत थे। कंपनी के मालिक भी मूल रूप से केरल के हैं। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए 17.5 करोड़ रुपए दान में दिए थे।


खलीज टाइम्स के मुताबिक, कंपनी के एचआर मैनेजर नस्र मुबारक सलेम अल मावली की तरफ से भेजे गए बर्खास्तगी पत्र में कहा गया, "आपकी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाता है। इसकी वजह केरल की बाढ़ को लेकर सोशल मीडिया पर की गई आपकी असंवेदनशील व अपमानजनक टिप्पणी है।  राहुल ने रविवार को कहा इसके लिए  माफी मांगते हुए कहा मुझसे भारी भूल हुई है। जब मैंने टिप्पणी की, तब मुझे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था।''

लुलु ग्रुप के चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर वी नंदकुमार ने कहा कि राहुल को तुरंत  नौकरी से निकालने का सख्त फैसला लिया गया है ताकि समाज में संदेश जा सके। हमारा संगठन हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ खड़ा है।'' लुलु ग्रुप के मालिक एमए यूसुफ अली खुद केरल से हैं। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 9.23 मिलियन यूएई दिरहम (करीब साढ़े 17 करोड़ रुपए) दान किए। यूएई सरकार ने भी केरल में बाढ़ राहत पहुंचाने के लिए एक कमेटी का गठन किया है।

 बता दें कि केरल 94 साल की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। 12 दिन से भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ में करीब 500 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के चलते राज्य में 19 हजार 512 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। बाढ़ पीड़ितों की मदद कर कई लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की। इनमें से कुछ नौकरी छोड़कर बचाव कार्य में जुट गए तो कई ने महीनेभर की सैलरी राहत कोष में दान कर दी।  

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