माल्या फिलहाल आर्थिक भगोड़ा घोषित नहीं, कोर्ट ने जवाब देने के लिए दिया 3 हफ्ते का वक्त

मुंबईः सोमवार को मुंबई की विशेष अदालत ने शराब कारोबारी विजय माल्या को राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके खिलाफ दायर एक अर्जी का जवाब देने के लिए कोर्ट ने माल्या को 3 और हफ्ते का समय दिया है। ईडी की यह अर्जी माल्या को आर्थिक भगोड़ा घोषित करने के संबंध में है। माल्या ने ही कोर्ट में अर्जी देकर जवाब देने के लिए कुछ वक्त मांगा था। 

माल्या को उनका जवाब देने के लिए 24 सिंतबर तक का वक्त दिया गया है। उसके बाद कोर्ट आगे की सुनवाई पर फैसला करेगा। बता दें कि इससे पहले 27 अगस्त को सुनवाई के दौरान 3 सिंतबर की तारीख तय की गई थी। इससे पहले इसी कोर्ट ने 30 जून को माल्या को समक्ष प्रस्तुत होने के लिए भी कहा था। 

माल्या पर 9 हजार करोड़ रुपए का कर्ज
भारी कर्ज में दबी एयरलाइंस किंगफिशर के मालिक विजय माल्या पर आरोप है कि वह कई बैकों से करीब 9,990 करोड़ रुपए का लोन लेकर फरार हैं। फिलहाल माल्या लंदन में हैं और वहां उनके खिलाफ भारत प्रत्यर्पण का केस चल रहा है। माल्या पर वह केस भारत सरकार की तरफ से सीबीआई और ईडी ने ही किया था। 

क्या है आर्थिक भगोड़ा अधिनियम
यह कानून कहता है, 'जब्ती आदेश की तारीख से जब्त की गई सभी संपत्तियों का अधिकार केंद्र सरकार के पास रहेगा।' भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 राज्यसभा में 25 जुलाई को पारित हुआ था। लोकसभा ने इस विधेयक को 19 जुलाई को मंजूरी दी थी। इस कानून के तहत न्यूनतम 100 करोड़ रुपये की सीमा को उचित ठहराते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने हाल में संसद में कहा था कि इसके पीछे मकसद बड़े अपराधियों को पकड़ना है, अदालतों में मामले बढ़ाना नहीं। उन्होंने कहा था कि कानून के तहत प्रवर्तन निदेशालय जांच एजेंसी का काम करेगा।

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