शिक्षक करें आत्ममंथन, कितने चंद्रगुप्त पैदा किए

नई दिल्ली : शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एनडीटीएफ द्वारा किरोड़ी मल कॉलेज में राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं रूपरेखा एनडीटीएफ अध्यक्ष डॉ.राकेश पांडेय ने प्रस्तुत की।

 

उन्होंने राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर को रेखांकित कर कहा कि शिक्षक को चाहिए कि वह स्वयं को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करे। डॉ.राकेश पांडेय ने डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उदाहरण देते हुए शिक्षकों को दूसरों की मदद करने के लिए सदेव तत्पर रहने के लिए कहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.अवनिजेश अवस्थी ने की। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि अखिल भारतीय विद्यार्र्थी परिषद के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री श्रीनिवास ने उद्बोधन देकर शिक्षक समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक को आत्ममंथन करना चाहिए कि हमने कितने चंद्रगुप्त पैदा किए हैं।

 

मंच संचालन डॉ.प्रद्युम्न कुमार ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ.गीता भट्ट ने किया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों के प्रिंसिपल और प्रोफेसर शामिल हुए, जिनमें मुख्यरूप से डॉ.सुरेंद्र कुमार, डॉ.संजय कुमार,डॉ.मनोज राणा, डॉ.सुनील कश्यप,डॉ.रसाल सिंह, डॉ.जसपाली चौहान, प्रो.पीसी झा, प्रो.रमेश भारद्वाज, डॉ.रूबी मिश्रा, डा.शैलेंद्र चौहान आदि मुख्यरूप से उपस्थित रहें। 

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