मिशन 2019: इन सीटों पर अदला-बदली की तैयारी में अकाली-भाजपा गठजोड़

जालंधर:चाहे चुनाव कमिश्न की तरफ से अभी तक लोकसभा मतदान की तिथियों का ऐलान तक नहीं किया गया है। पर उससे पहले ही पंजाब में अकाली-भाजपा के बीच सीटों के अदला-बदली की चर्चा भी तेज हो गई है। दोनों पार्टियां 2 सीटों पर बदलाव कर सकती है। चाहे इस बाबत अभी तक रस्मी तौर पर ऐलान नहीं हुआ है, परन्तु दोनों पक्षों में इस बारे में तेजी से चर्चा चल रही है। इसमें अमृतसर -लुधियाना और जालंधर -होशियारपुर लोकसभा सीट शामिल है। 

इन सीटों पर हो सकती है चर्चा
इस बारे में अकाली नेता विक्रम मजीठिया का कहना है कि यदि अमृतसर सीट शिरोमणि अकाली दल के पास आती है तो इसका दोनों पार्टियों को लाभ होगा। अमृतसर के 5 विधानसभा क्षेत्रों में से 4 भाजपा तो 1 शिअद के पास हैं।  देहाती चार इलाके शिरोमणि अकाली दल के पास हैं। लिहाजा इसका सीधा लाभ गठजोड़ को होगा। यदि पृष्ठभूमि पर नजर दौड़ाई जाए तो अकाली -भाजपा गठजोड राज्य की 13 लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ता रहा है। इनमें से 10 सीटे अकाली दल और 3 भाजपा के हिस्से आतीं हैं। भाजपा के पास अमृतसर, गुरदासपुर और होशियारपुर सीटें हैं। अमृतसर-लुधियाना संसदीय सीट पर बदलाव को लोकर पहले भी गठजोड में चर्चा होती रही है। 

अमृतसर सीट के लिए भाजपा के पास नहीं है मजबूत दावेदार

1952 से लेकर अब तक अमृतसर में 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। चाहे अकाली दल की तरफ से इस संसदीय सीट पर और ज्यादा सिख वोटर होने का दावा किया जा रहा है, पर इसके बावजूद इस सीट पर ज्यादातर भाजपा की तरफ से ही उम्मीदवार उतारा गया है। 2004 और 2009 भाजपा की तरफ से यहां नवजोत सिंह सिद्धू को मैदान में उतारा गया था । जबकि 2014 और 2017 (उपचुनाव) में कांग्रेस इस सीट पर विजेता रही। फिलहाल अभी तक भाजपा के पास इस सीट पर कोई दमदार दावेदार नजर नहीं आ रहा है ।  अकाली दल की तरफ से इस सीट की मांग की जा रही है। दूसरे तरफ लुधियाना लोकसभा सीट भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इस कारण दोनों पार्टियों में इन सीटों को लेकर सहमति बन सकती है। 

 

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