27 मिनट में छूमंतर हो जाएगी सुस्ती - Nari

सुबह आंख खुलते ही बिस्तर छोड़ने का दिल नहीं करता? मन मारकर बिस्तर छोड़ भी दें तो अजीब-सी सुस्ती और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। आप भी ऐसा ही महसूस कर रहे हैं तो परेशान होने जरूरत नहीं है। अमरीका स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की मशहूर मनोवैज्ञानिक एम्मा सेप ने विज्ञान के आधार पर 27 मिनट की दैनिक क्रिया सुझाई है जिसमें सुबह उठने के साथ ही आप न सिर्फ तरोताजा महसूस करने लगेंगे बल्कि दिन भर तनावमुक्त भी रह सकेंगे। मन में साकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और रचनात्मकता बढ़ाने में भी यह क्रिया खासी असरदार साबित हो सकती है। 


5 मिनट श्वास संबंधी व्यायाम करें
मनोवैज्ञानिक एम्मा सेप के मुताबिक श्वास क्रियाओं का इंसानी भावनाओं से गहरा नाता है। विभिन्न अध्ययनों में स्ट्रेस हॉर्मोंन कार्टिसोल का स्तर घटाने और फील गुड हार्मोन सेरोटोनिन का उत्पादन बढ़ाने में श्वास संबंधी व्यायाम अनुलोम-विलोम और कपाल भाति को बहुत फायदेमंद पाया गया है इसलिए सुबह का अलार्म बजते ही उठ जाएं। बैड पर बैठे-बैठे ही 5 मिनट तक गहरी लंबी सांस लें और फिर सांस को छोड़ें। इसके बाद आपको तुरंत ही ताजगी का अहसास होने लगेगा। 

 

2 मिनट ईश्वर का आभार जताएं
श्वास संबंधी व्यायाम पूरा करने के बाद जिंदगी की सबसे अहम 3 वस्तुओं और उपलब्धियों का स्मरण करें। अब इन्हें कागज पर उतारने के साथ ही ईश्वर का भी आभार जताएं। मनोवैज्ञानिक एम्मा सेप की मानें तो जीवन के अच्छे पहलुओं को याद करने से मस्तिष्क सकारात्मक बातों पर ध्यान देने और नाकारात्मक चीजों को नजरअंदाज करने की कला में माहिर हो जाता है। वह कठिनाइयों को चुनौतियों के रूप में लेने लगता है। 

 

20 मिनट कुछ नया जानें
अंत में 20 मिनट में कुछ नया सीखने का प्रयास करें। इसके लिए आप किताबों और इंटरनैट का सहारा लेने के साथ ही किसी जानकार से बात कर सकते हैं। सेप के अनुसार कुछ नया सीखने से ज्ञान बढ़ने के साथ-साथ आत्मविश्वास में इजाफा होता है। मन में आत्मसंतुष्टि का अजब-सा भाव भी जागता है। उन्होंने रोज कुछ नया सीखने की चाह को इंसानी रिश्तों को मजबूत बनाने और अपनों को बेहतर ढंग से समझने में भी मददगार करार दिया है। 

 

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