भू-स्खलन से एक दर्जन मकानों को खतरा, ग्रामीण खौफ के साये में जीने को मजबूर

कुल्लू: जिला मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर शीशामाटी से सटे इलाके में भू-स्खलन के कारण करीब एक दर्जन मकानों पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। घाटी में करीब एक माह पूर्व भारी बारिश के कारण शीशामाटी की पहाड़ी में भू-स्खलन हो गया था लेकिन अब स्थिति दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। गांव के पीछे बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को भू-स्खलन का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण इन दिनों खौफ के साये में जी रहे हैं। इस स्थिति में लोगों का सुख चैन छिन गया है। वहीं भू-स्खलन से रास्ता बंद होने से लोग अपने मवेशियों को भी घर से बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं।

जल्द नहीं हुआ समाधान तो करेंगे आंदोलन

इलाकावासियों सोभा राम, तुले राम, गोविंद, सुरेन्द्र, सुंदर सिंह, शांता देवी, अमर सिंह, धर्मी देवी, बुध राम, प्रेम सिंह, तोती देवी, रीना देवी, सेपती देवी व रामू आदि ने कहा कि भू-स्खलन के कारण उन्हें दिन-रात मकान गिरने का खतरा रहता है। उन्होंने जिला प्रशासन से भू-स्खलन वाली जगहों पर क्रेटवायर डंगे देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में लोगों ने संबंधित विभाग को अवगत करवा दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन को चेताया कि अगर जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

क्या बोले डी.सी. कुल्लू

डी.सी. कुल्लू यूनुस ने बताया कि मामला मेरे ध्यान में नहीं है, अगर ऐसा है तो इसके लिए संबंधित विभाग को समस्या का समाधान करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।

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