अदालत ने दिल्ली के स्कूलों में ‘विशेष शिक्षा शिक्षकों की कमी’ पर संज्ञान लिया

नई दिल्ली:दिल्ली उच्च न्यायालय ने यहां के सरकारी स्कूलों में ‘विशेष शिक्षा शिक्षकों की कमी’ पर संज्ञान लिया और कहा कि कई बार किये गये प्रयासों के बावजूद रिक्त पद नहीं भरे गए हैं।      

विशेष शिक्षा कार्यक्रम उन छात्रों के लिए तैयार किए गए हैं जो मानसिक, शारीरिक, सामाजिक या भावनात्मक रूप से कमजोर स्तर के हैं और ऐसे प्रत्येक बच्चे की उपयुक्त आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष शिक्षकों को रखा जाता है।  न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति ए के चावला की एक पीठ ने कहा, ‘‘यह ध्यान दिलाया गया है कि बड़ी संख्या में विशेष शिक्षा शिक्षकों के पद खाली हैं और बार-बार प्रयास करने के बाद भी ये पद भरे नहीं जा रहे हैं। दिल्ली के स्कूलों में विशेष शिक्षा शिक्षकों की कमी है।’’      

अदालत ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के फरवरी 2017 के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की एक अपील को खारिज करते यह टिप्पणी की। कैट ने आदेश में कहा था कि वह विशेष शिक्षक के पद के लिए एक आवेदक की उम्मीदवारी पर विचार करे और यदि वह पात्र पाया जाता है तो नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।

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