कुलभूषण मामले की ICJ में सुनवाई शुरूः भारत ने कहा- पाक के पास नहीं पुख्ता सबूत (VIDEO)

द हेगःभारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में सोमवार को नीदरलैंड स्थित पीस पैलेस की अंतर्राष्ट्रीय न्याय अदालत ( ICJ) में   4 दिवसीय सार्वजनिक सुनवाई शुरू हो गई । इसमें भारत और पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय अदालत के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे। पाकिस्तानी सेना की अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर भारतीय नागरिक जाधव (48) को मौत की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हरीश साल्वे ने  दलीलें पेश करते हुए कहा कि इस मामले में पाक सरासर झूठ बोल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाक के पास कोई कोई पुख्ता सबूत नहीं और इसने गैरकानूनी तरीके से कुलभूषण को कैद कर रखा है इसलिए कोर्ट जल्द से जल्द जाधव की रिहाई के आदेश दे।  साल्वे ने आरोप लगाया कि पाक भारत के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहा है।

सुनवाई दौरान भारत के अधिवक्ता ने कहा कि जाधव निर्दोष हैं।  हरीश साल्वे ने कहा कि कुलभूषण जाधव से उनके परिवार को जिस तरह से मिलाया गया, उससे भारत में काफी निराशा हुई। भारत ने इसके विरोध में पाकिस्तान को पत्र भी लिखा। उन्होंने कहा कि जाधव को काउंसलर एक्सेस को देने के लिए पाक को  30 मार्च 2016 को कहा गया था तब से लेकर 13 बार पाक से कहा जा चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुलभूषण को तुरंत काउंसलर एक्सेस मिलना चाहिए। भारत ने आरोप लगाया कि पाक इस मामले को प्रोपेगेंडा टूल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जाधव को बिना किसी कानूनी मदद के कस्टडी में रखा गया है, इसे गैरकानूनी करार दिया जाना चाहिए। भारत ने आठ मई 2017 को ICJ  को बताया था कि पाकिस्तान ने जाधव तक राजनयिक संबंधी पहुंच से बार-बार इंकार कर राजनयिक रिश्तों से संबंधित 1963 की विएना संधि का ‘‘घोर उल्लंघन'' किया है। ICJ की 10 सदस्यीय पीठ ने 18 मई 2017 में पाकिस्तान को मामले में न्यायिक निर्णय आने तक जाधव को सजा देने से रोक दिया था। I

ICJ ने हेग में 18 से 21 फरवरी तक मामले में सार्वजनिक सुनवाई का समय तय किया है   पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिवक्ता खावर कुरैशी 19 फरवरी को अपने देश की ओर से दलीलें पेश करेंगे। इसके बाद भारत 20 फरवरी को इस पर जवाब देगा जबकि इस्लामाबाद 21 फरवरी को अपनी आखिरी दलीलें पेश करेगा। ऐसी उम्मीद है कि आईसीजे का फैसला 2019 की गर्मियों में आ सकता है। माना जा रहा है कि पुलवामा हमले का असर सुनवाई पर पड़ सकता है और भारत को ICJ में कूटनीतिक जीत हासिल हो सकती है।

जानें  खास बातें
कुलभूषण यादव का जन्म महाराष्ट्र के सांगली में 1970 में हुआ था। पाकिस्तान का दावा है कि वे भारतीय नौसेना के अधिकारी हैं और उन्हें पाकिस्तान में भारत की ओर से जासूसी करते हुए गिरफ्तार किया गया था। भारत ने यह तो मान लिया है कि कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं, लेकिन यह मानने से इंकार किया है कि वे भारतीय जासूस थे। भारत सरकार के मुताकि, कुलभूषण जाधव नेवी के रिटायर्ड अधिकारी हैं और उनका ईरान में कारोबार था। 25 मार्च, 2016 को भारत को जाधव की गिरफ्तारी की जानकारी मिली। इस वक्त पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव का एक बयान भी जारी किया था।


जब पाकिस्तान ने जाधव का बयान जारी किया था, उसके अगले ही दिन यानी 30 मार्च, 2016 को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से जारी एक वीडियो में जाधव बताते हैं कि वे 1991 में भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। इस वीडियो में कुलभूषण जाधव ने 1987 में नेशनल डिफेंस अकेडमी ज्वाइन करने की बात भी कही थी। यह 6 मिनट का एक वीडियो था, जिसमें कुलभूषण बता रहे थे कि साल 2013 में रॉ के लिए काम करना शुरू किया था। इस पर भारत ने कहा था कि वीडियो में पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव से जबरन कबूल करवाया जा रहा है और गलतबयानी के लिए निर्देशित किया जा रहा है। भारत ने कहा उनका रॉ के साथ कोई लेना देना नहीं है।

 

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