कोरियाई देशों ने UN से किया शांति घोषणा पत्र को प्रसारित करने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्रःउत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र से उस शांति घोषणा पत्र को प्रसारित करने को कहा है जिस पर अप्रैल में उनके नेता सहमत हुए थे। इसमें कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने और कोरियाई जंग को औपचारिक रूप से खत्म करने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया गया था।

संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के मिशन ने कहा कि दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और महासभा के अध्यक्ष मिरोस्लाव लाजक को एक पत्र भेजकर उनसे ‘शांति, समृद्धि और कोरियाई प्रायद्वीप के एकीकरण पर पनमुनजोम घोषणा’ को संयुक्त राष्ट्र के औपचारिक दस्तावेज के तौर पर प्रसारित करने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि पत्र प्राप्त हो गया है और प्रक्रिया में है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई इन ने 27 अप्रैल को पनमुनजोम के असैन्यकृत क्षेत्र में एक शिखर सम्मेलन में इस घोषणा पत्र सहमति दी थी।

उत्तर कोरिया ने गुजारिश की है कि इसे संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों को प्रसारित किया जाए। उन्होंने बताया कि किम और मून 18-20 सितंबर को तीसरी बार मिलेंगे। यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनियाभर के नेताओं के जुटने से ठीक पहले होगी। मून के राष्ट्र सुरक्षा सलाहकार और दक्षिण कोरियाई शिष्टमंडल के प्रमुख चुंग इयू-योंग ने कहा कि किम ने उनसे कहा था कि कूटनीतिक नाकामयाबियों के बावजूद उन्हें अब भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर यकीन है और अमेरिका को ट्रंप के पहले कार्यकाल के खत्म होने से पूर्व उत्तर कोरिया के साथ सात दशक के शत्रुतापूर्ण संबंधों को खत्म करना चाहिए।       

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!