जानिए क्या है करुणानिधि के 46 साल पुराने काले चश्मे का राज

नेशनल डेस्कःतमिलनाडु की राजनीति का एक बड़ा स्तंभ माने जानेवाले एम. करुणानिधि ने मंगलवार को दुनिया से अलविदा कह दिया। वे अपने पीछे एक ऐसा इतिहास छोड़ गए जिसे राज्य के लोग कभी भुला नहीं पाएंगे। उन्होंने वर्ष 2006 में राज्य के सबसे वरिष्ठ नेता के तौर पर मुख्यमंत्री का पद संभाला था। तभी यह बात सबको पता चल गई कि कलाईनार को राजनीति से अलग नहीं किया जा सकता।

PunjabKesari

निधन से पहले एक साल तक करुणानिधि एक काला चश्मा पहनकर चला करते थे। इस चश्मे के साथ उनका सफर लंबे अरसे तक चला। करीब 46 साल तक यह चश्मा उनकी आंखों पर रहा।

PunjabKesari

एक लेखक, एक कवि, राजनेता और फिर दक्षिण भारतीय सियासत की सबसे मजबूत राजनेता बनने बाले करुणानिधि ने 94 साल की उम्र में अपने इस चश्मे को अलविदा कहते हुए जर्मनी के नए चश्मे को इसकी जगह दे दी।

PunjabKesari

वर्ष 2017 में करुणानिधि ने चश्मा बदलने का फैसला लिया तो चैन्नई के प्रसिद्ध ऑप्टिकल्स ने नए फ्रेम के लिए सारे देश में खोज शूरू कर दी। करीब 40 दिन चले इस सर्च अभियान के बाद जर्मनी से नया चश्मा मंगाया गया।

PunjabKesari

इस चश्मे की खासियत ये थी कि चश्मे का फ्रेम हल्का था और उनके 46 वर्ष पुराने चश्मे की जगह ली। हालांकि नया फ्रेम पुराने चश्मे के साथ करुणानिधि की सियासी जिंदगी के साथ ज्यादा दूर तक नहीं चल सका।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!