जानें, किस समय के दौरान नहीं करने चाहिए कोई भी धार्मिक काम

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हमारे हिंदू धर्म में बहुत से देवी-देवताओं की पूजा की जाती है और साथ पूरे नियम व विधि विधान के साथ भगवान का पूजन किया जाता है। लेकिन क्या किसी को इस बात का पता है कि कुछ कामों में भगवान का पूजन करने की मनाही बताई गई है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति को कुछ अवस्था में भगवान का पूजन नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने पर इंसान को पाप का भागीदार बनना पड़ता है। तो चलिए आगे हम आपको बताते हैं कि किन-किन स्थितियों में भगवान की पूजा नहीं करनी चाहिए।  

कुछ लोगों की आदत होती है कि वह स्नान के तुरंत बाद ही टॉवेल लपेटकर या इनरवियर में भगवान की पूजा कर लेते हैं, जोकि बिलकुल गलत होता है। ऐसे में व्यक्ति को अपनी शुद्धता का ध्यान खुद ही रखना चाहिए और स्वच्छ कपड़े पहनकर ही भगवान को याद व पूजन करना चाहिए। 

कई लोग कहते हैं कि मन में मैल नहीं होनी चाहिए, फिर चाहे आपके तन पर मैल हो तो भी भगवान का पूजन कर लेना चाहिए। लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। हमेशा स्नान करने के बाद ही पूजा-पाठ करना चाहिए। शास्त्रों में बिना नहाए भगवान को छुना मना है।  

सुबह की पूजा या पूरे दिन में एक बार पूजा बिना कुछ खाए पिए ही करनी चाहिए। अगर गलती से कुछ खा लिया जाए तो भी पानी पीकर या फिर कुल्ला करके ही पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने पर मुख शुद्ध होता है। झूठे मुंह भगवान की पूजा करने से पाप का भागीदार नहीं बनना चाहिए।  

हिंदू धर्म में एक रिवाज़ है कि सूतक व पातक के समय व्यक्ति कोई भी धार्मिक कार्य नहीं कर सकता है। यानि जब परिवार में किसी का जन्म हुआ हो या फिर किसी की मौत हुई हो तो वह 11- 13 दिनों तक कोई भी शुभ काम नहीं कर सकते हैं। धार्मिक कामों का करना वर्जित माना जाता है। 

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