4 साल में किए अपने काम का ऐसे बखान कर रही मोदी सरकार, जनता से की खास अपील

बिजनेस डेस्क (ईशा): लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है पर  इस बात में कोई शक नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में काफी बदलाव आया है। मोदी सरकार कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर रही है, लेकिन फिर भी सरकार ने कई ऐसे कार्य भी किए हैं, जो कि आम जनता के हित में है। पिछले 4 सालों में मोदी सरकार ने जो काम किए है अब उनका बखान करते है लोगों से पूछा जा रहा है कि आप संतुष्ट है या नहीं। आज हम आपको मोदी सरकार में सत्ता में आने के बाद से हुुुए बदलावों के बारें में बताने जा रहे है। 


होम लोन का ब्याज
मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले आम जनता को होम लोन पर 11.5 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता था लेकिन अब इस पर ब्याज दर घटा कर 9 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत करते हुए 2022 तक 20 मिलियन घर बना का टारगेट रखा गया है। इसे शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अभी भी चलाया जा रहा है। इसके तहत घर में शौचालय, बिजली, एलपीजी, पानी आदि की सुविधा भी दी जाती है।

रेस्तरा के बिल पर टैक्स
सरकार द्वारा रेस्तरा के बिल पर टैक्स को काफी हद तक कम कर दिया गया जिससे आम जनता को काफी राहत मिली है। पहले रेस्तरा के बिल पर लोगों को 18 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था पर अब मोदी राज में ये टैक्स बस 5 प्रतिशत दिया जाता है।

घरेलू उपकरणों की खरीद पर कर
घरेलू उपकरणों की खरीद पर भी सरकार ने जनता को काफी बड़ी राहत दी है। आम तौर पर जो लोग घरेलू उपकरणों को किश्तों में खरीदते थे उन्हें 26.5 प्रतिशत कर देना पड़ता था पर अब जनता पर इसका कोई बोझ नहीं पड़ रहा।

उज्जवला योजना लागू होने से  LPG कवरेज 90% हुआ 
उज्जवला योजना लागू होने से देश में LPG कवरेज मई 2014 में 55% से बढ़ कर दिसंबर, 2018 तक 90% हो गया है। 1.03 करोड़ देशवासियों ने अपनी LPG सब्सिडी त्याग कर इस योजना में सहयोग दिया। उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लिए रसोई गैस वितरकों की ओर से गांवों और शहरों में कैंप लगाए जा रहे है।

डिजिटाइजेशन की तरफ अहम कदम
मोदी सरकार ने पिछले चार सालों में डिजिटाइजेशन पर काफी जोर दिया है। अब बैंकिंग क्षेत्र से लेकर अन्य सरकारी कार्यों में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा मिला है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। इसमें मोदी सरकार की डिजिटल भुगतान को आसान बनाने बनाने वाली भीम एप भी शामिल है जिसके तहत पैसे सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जा सकते हैं वहीं घरेलू मनी ट्रांसफर फीस जहां पहले 5 रूपए थी अब इस पर कोई भी पैसा खर्च करने की जरूरत नहींं है।

परिचालन हवाई अड्डों की संख्या बढ़ी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की 2013-14 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2014 तक देश में कुल 125 हवाई अड्डे थे। इनमें से 68 हवाई अड्डे संचालन में थे जब्कि मोदी सरकार ने कुल 106 को बढ़िया ढंग से चलाया।

खुले में शौच से मुक्ति और गांवों में दूर हुआ अंधेरा
ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत पहले से शौचलायों और बिजली न होने के कारण लोगों को मुसीबतोंं का सामना करना पड़ता था पर मोदी सरकार मे इस समस्या को भी आड़े हाथ लिया। मोदी सरकार के राज में ग्रामीण शौचालय कवरेज 91 प्रतिशत तक पहुंच गई जब्कि 2014 में ये 38 प्रतिशत थी।

भारत विदेशी मुद्रा भंडार
2014 में विदेशी मुद्रा भंडार 300 बिलियन डॉलर था वहीं 2018 में ये 420 डॉलक के करीब पहुंच गया है।

भारत को बनाया दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक नीतियों का असर ये रहा है कि भारत फ्रांस को पीछे धकेलकर दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में शुमार हो चुका है। आर्थिक क्षेत्र के कई सुधारों के नतीजों के साथ सरकार देश के लिए इस उपलब्धि को पाने में सफल रही है और अब उसका ध्यान छठे से पांचवें नंबर पर है। मोदी सरकार के होते हुए आर्थिक मोर्चे पर भी भारत ने बाजी मारी 2014 में जहां जीडीपी मात्र 2,33 प्रतिशत थी वहीं 2018 में ये बढकर 3.18 हो गई। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था में 2020 तक 7.8 प्रतिशत तक की तेजी का अनुमान है, जबकि 2030 तक चीन की आर्थिक ग्रोथ 5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विस्तार
पिछले साढ़े चार साल में चाहे रेलवे हो, सड़क हो या शिपिंग, सरकार संपर्क बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में लगी है। देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार करने के मामले में मोदी सरकार ने यूपीए सरकार को पीछे छोड़ दिया है। अपने साढ़े 4 साल के कार्यकाल में एनडीए ने 33,361 किलोमीटर के राजमार्ग बनाए हैं जो की यूपीए के वित्त वर्ष 08 और वित्त वर्ष 2014 के बीच 7 वर्षों में बनाए गए 33,038 किलोमीटर राजमार्गों से अधिक है। 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
इसके तहत किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं। यदि मौसम के प्रकोप से या किसी अन्‍य कारण से फसल को नुकसान पहुंचता है तो यह योजना किसानों की मदद करती है। 2016 में खरीफ की फसल  के लिये 390.02 लाख किसानों का बीमा कराया गया, जबकि 2016-17 में रबी की फसल के लिये 167.14 लाख किसानों का कम प्रीमियम में बीमा किया गया।

मार्च 2019 तक 1.78 लाख गांव सड़कों से जुड़ जाएंगे
साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में मोदी सरकार ने गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए लगातार बजट आवंटन बढ़ाया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में देशभर में करीब 49,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़क बनाई गईं थी, इसमें 6.5 हजार किमी सड़कें ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं। सरकार ने रोजाना 32 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा है और इसके लिए प्रतिदिन रिकॉर्ड 133 किमी ग्रामीण सड़क का निर्माण किया गया। आपको बता दें कि देश के कुल 13 राज्यों में PMGSY का दूसरा चरण पूरा हो चुका है, जबकि 14 राज्यों में जारी है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2019 तक कुल 1.78 लाख गांव सड़कों से जुड़ जाएंगे। पीएमजीएसवाई में अब तक कुल 5.50 लाख किमी लंबाई की सड़कें बनाई जा चुकी हैं।

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