केरल ने तोड़ी परंपरा, पहली बार हज कमेटी ने किसी महिला को बनाया सदस्य

नेशनल डेस्कःकेरल की हज कमेंटी ने सालों से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए पहली बार किसी महिला को कमेटी का सदस्य बनाया है। इंडियन नेशनल लीग की नेता और कान्हागढ़ नगर पालिका की उपाध्यक्ष एल. सुलैखा अगले दो सालों तक राज्य की हज कमेटी में बतौर मेंबर काम करेंगी। शनिवार को इस बारे में उन्हें आधिकारिक सूचना मिल चुकी है। आज तिरुवनंतपुरम में बतौर सदस्य वह कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगी।

सुलैखा ने कमेटी का सदस्य चुने जाने पर कहा कि मैं इस मौके पर बेहद खुश हूं और कमेटी में काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी। उन्होंने बताया कि दो सालों के  कार्यकाल के दौरान उनका जोर मक्का जाने वाली महिला हज यात्रियों के सामने आने वाली दिक्कतों का समाधान करने पर रहेगा, जब हज की बात आती है तो महिला हज यात्रियों की संख्या पुरुषों हज यात्रियों से अधिक होती है। ऐसे में हज कमेटी में महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने पर मेरी जिम्मेदारी बनती है। कि मैं उनकी परेशानियों पर ध्यान दूं।

उन्होंने कहा कि एलडीएफ सरकार के इस फैसले ने मुझे बहुत सुकून दिया है। मुझे कमेटी के लिए काम करना अच्छा लगेगा। उनके अलावा हज कमेटी में 15 अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है। सुलैखा ने अंग्रेजी साहित्य से ग्रेजुएशन किया है। वर्ष 2010 में पहली बार वह कान्हागढ़ नगर पालिका के लिए चुनीं गईं थीं। उनके पति अब्दुल आमिर कतर में कारोबार करते हैं। दोनों की एक बेटी है जो कक्षा तीन में पढ़ती है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष देश की हज कमेटी ने हज से जुड़ी नीतियों में संसोधन किया था, जिसके अंतर्गत महिलाओं को अकेले हज पर जाने की छूट दी गई। सरकार ने हज यात्रा पर मेहरम (किसी पुरुष रिश्तेदार) के साथ जाने वाली शर्त को हटा दिया। भारत में हज कमेटी ने जैसे ही महिलाओं को अकेले हज पर जाने की अनुमति दी, उसके बाद करीब 1100 महिलाओं को हज पर रवाना किया गया।

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