केरल: एक ऐसा शख्स जो पहचान छुपाकर कर रहा था पीड़ितों की मदद, सच्चाई जान आप भी करेंगे सैल्यूट

नई दिल्ली: केरल में आई सदी की सबसे भयानक बाढ़ में अब तक करीब 400 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 50 लाख से ज्यादा लोग इस बाढ़ के कारण अपना सब कुछ गवां बैठे हैं। इस आपदा में कई लोग आर्थिक मदद कर केरल वालों की जिंदगी पटरी पर लौटाने की कोशिश जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में एक आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन का नाम सामने आया है, जो अपनी पहचान छुपाकर केरल वालों की मदद कर रहे थे। गोपीनाथन  पिछले 8 दिनों से केरल में राहत शिविरों में पीड़ितों की मदद कर रहे थे और जीतोड़ मेहनत कर रहे थे। 

Lending a helping hand at a relief material Collection Centre. Hats off to the so many volunteers putting in dedicated efforts. #KeralaFloodspic.twitter.com/KU3LOhaFWA

— Kannan (@naukarshah) August 29, 2018


राहत सामग्रियों को पीठ पर लादकर वो खुद ही ट्रकों पर चढ़ाते और उतारते। सबसे खास बात ये है कि इस दौरान उन्हें कोई पहचान भी नहीं पाया कि वो एक आईएएस अधिकारी हैं। जब उनकी पहचान जाहिर हुई तो सभी हैरान रह गए और देश के प्रति उनकी निष्ठा को देखकर उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं। 

A collection centre in one of the severely affected areas.

All these materials are what you good people sent with love to Kerala. #RebuildKerala#KeralaFloodspic.twitter.com/L5Tkny5MFW

— Kannan (@naukarshah) August 29, 2018

 

बताया जा रहा है कि कन्नन गोपीनाथन 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और इस वक्त वो दादरा एवं नागर हवेली में कलेक्टर के पद पर तैनात हैं। मूल रूप से वह केरल के कोट्टयम के रहने वाले हैं। जब उन्हें केरल में बाढ़ की खबर पर कन्नन ने छुट्टी ली और तुरंत अपने गृह राज्य आ गए। यहां उन्होंने पहले दादरा ऐंड नगर हवेली प्रशासन की ओर से 1 करोड़ रुपए का चेक केरल सीएम आपदा राहत कोष में दिया और फिर राहत कार्य में जुट गए। सोशल मीडिया पर गोपीनाथन की पहचान वायरल होते ही हर कोई अब उनकी तारीफ कर रहा है। 

 

 

 


 

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