ऑफ द रिकॉर्डः केजरी केयर बनाम मोदी केयर

नेशनल डेस्कः अधिकांश राज्य अब मोदी केयर योजना को लागू करने पर सहमत हो गए हैं मगर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने स्टैंड पर अडिग हैं। उनका कहना है कि सभी के लिए उनकी स्वास्थ्य योजना मोदी सरकार की प्रस्तावित बहुचॢचत मोदी केयर की तुलना में अधिक बढ़िया है। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें 1000-1050 रुपए प्रीमियम पर प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा की जरूरत नहीं। इस मामले में इंश्योरैंस कम्पनियों को क्यों लाया गया क्योंकि दिल्ली सरकार सभी को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वस्थ सुरक्षा मिशन (ए.बी.एन.एच. पी.एम.) योजना की आलोचना की और कहा कि इससे बिचौलियों और दलालों को लाभ होगा।


उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली सरकार की डाक (दिल्ली आरोग्य कोष) योजना बहुत सफल हुई है और बड़े पैमाने पर राजधानी के लोगों को लाभ हुआ है। यह एक अद्भुत योजना है जिसके तहत दिल्ली सरकार के अस्पताल का एक डाक्टर जब सिफारिश कर देता है तो लोगों को सभी तरह के टैस्ट और इलाज मुफ्त में उपलब्ध होते हैं। यहां तक कि अस्पताल में रहना भी मुफ्त होता है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली के 25 प्राइवेट अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सैंटरों के साथ समझौता कर रखा है जहां मरीजों को बिल का भुगतान नहीं करना पड़ता है और सारा खर्चा सरकार प्रत्यक्ष रूप से अदा करती है। केजरीवाल का कहना है कि मोदी केयर को केजरी केयर अपनाना चाहिए।

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