जींद की धरती पर सार्थक दिख रहे कांग्रेस में एकजुटता के प्रयास

जींद (संजय अरोड़ा) : हरियाणा की राजनीतिक राजधानी जींद में होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव किस राजनीतिक दल के लिए लेकर आएंगे अच्छे दिन अथवा किस को देंगे झटका? यह तो 28 जनवरी को जींद के मतदाता तय करेंगे मगर चुनाव से पहले जींद की इस धरती ने कांग्रेस के लिए अच्छे दिनों की शुरूआत अवश्य कर दी है। जिसकी कांग्रेस हाईकमान को न केवल लंबे समय से इंतजार था बल्कि कांग्रेस को एकजुट करके अच्छे दिन दिखाने की कवायद पार्टी में हर स्तर पर की भी जा रही थी।

हर बार इस दिशा में निराशा का सामना करने वाली कांग्रेस पार्टी को आखिरकार जींद उपचुनाव में पार्टी के हैवीवेट उम्मीदवार रणदीप सुर्जेवाला के जरिए ही सही गुटबाजी पर विराम लगता तो नजर आया। गौरतलब है कि हरियाणा में लंबे समय से गुटबाजी व अंर्तकलह के दौर से गुजर रही कांग्रेस पार्टी को एक सूत्र में पिरोने व पार्टी नेताओं के आपसी मनमुटाव दूर करने के अनेक प्रयास किए गए। हर बार असफलता ही हाथ लगी। इसका परिणाम ये रहा कि पार्टी संगठन व लोगों में वह मजबूती नहीं दिखा पाई जो पिछले साढ़े 4 वर्ष में होनी चाहिए थी। इसी गुटबाजी का परिणाम रहा कि लंबे समय से प्रदेश में न तो कांग्रेस प्रतिनिधियों की नियुक्ति हो पाई और न ही जिला कांग्रेस अध्यक्षों का चयन हो पाया। 

यहां तक कि लंबे समय से रिक्त पड़े हरियाणा प्रदेश प्रभारी के पद पर भी हाईकमान कोई नई नियुक्ति नहीं कर पाया है। लंबे समय से चल रहे कांग्रेस पार्टी के नेताओं में एकता के प्रयास यूं तो हर बार विफल साबित हुए मगर जींद उपचुनाव का एक ऐसा मौका आया जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विश्वासपात्रों में शामिल रणदीप सुर्जेवाला को मैदान में उतारते ही बिना प्रयासों के कांग्रेस नेता एक मंच पर वैर भाव छोड़ दिखाई दिए। यहां तक कि एक दूसरे के कट्टर विरोधी समझे जाने वाले कांग्रेस नेता आपस में हाथ मिलाते व गले लगते भी नजर आए। 

इस तरह प्रदेश कांग्रेस में निॢववादित छवि वाले नेता रणदीप सुर्जेवाला के जरिए सार्थक हो रहे कांग्रेस के एकता प्रयास निश्चित तौर पर एक बार कांग्रेस के लिए अच्छे दिन कहे जा सकते हैं। 
उल्लेखनीय है कि 10 जनवरी को जब सुर्जेवाला ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था तब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नोई व कैप्टन अजय सिंह यादव सरीखे नेता न केवल साथ दिखे बल्कि वे लगातार जींद में कांग्रेस के लिए प्रचार भी कर रहे हैं। 

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