JSA ने PM-JAY पर जताई चिंता, कहा- जल्दबाजी में लाई गई योजना

नई दिल्लीःकेंद्र द्वारा ‘आयुष्मान भारत’ योजना शुरू किये जाने के दो दिनों बाद एक स्वास्थ्य देखभाल नेटवर्क ने मंगलवार को इस बात पर चिंता जताई की इसकी परिकल्पना और घोषणा जल्दबाजी में की गई। नेटवर्क ने केंद्र से कहा कि वह स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े फैसले को चुनावी सफलता सुनिश्चित करने के अवसर के तौर पर न देखे।



जन स्वास्थ्य अभियान ने कहा कि आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) ‘‘अविश्वसनीय’’ बीमा मॉडल पर आधारित है और मांग की कि सरकार इसकी योजना छोड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रांची से इस योजना की शुरुआत की थी और इसे ‘‘गरीबों की सेवा के लिये खेल का रूख पलटने वाली पहल करार दिया था।’’ इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य प्रत्येक परिवार को पांच लाख रूपये का बीमा कवर उपलब्ध कराना है। इससे 10 करोड़ से ज्यादा परिवार लाभान्वित होंगे।



उसने एक बयान में कहा, ‘‘जेएसए यह इंगित करना चाहता है कि महज यह दावा करने से कि एबी-पीएमजेएवाई दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संरक्षण योजना है, ऐसा नहीं हो जाएगा--वास्तव में यह पूरी तरह भ्रामक है। सरकार के अपने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) का परिव्यय करीब 35,000 करोड़ है, जो वर्ष 2018-19 के बजट में योजना के लिये आवंटित 2000 करोड़ रूपये से कई गुना ज्यादा है।’’



बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) जैसी मौजूदा बीमा योजनाओं के नकारात्मक अनुभवों पर संज्ञान न लेते हुए जिस जल्दबाजी में इस योजना की कल्पना और घोषणा की गई उससे जेएसए गहन चिंता में है।’’

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