जेएनयू: बायो-ऑर्गेनिक केमिस्ट्री कोर्स को ई-लर्निंग के माध्यम से पढ़ सकेंगे छात्र

नई दिल्ली:जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाते हुए ई-लर्निंग (एससीईएल) शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए जेएनयू छात्रों से लेकर अन्य विवि. छात्र भी पढ़ाई कर पाएंगे, जिनका दाखिला सीमित सीटें होने के चलते विवि. में नहीं हो पाता है। इस दौरान जेएनयू के सभी पाठ्यक्रम को ई-लर्निंग मोड में भी पढ़ाया जाएगा। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए मास्टर के छात्रों के लिए जेएनयू में पहली बार बायो-ऑर्गेनिक केमिस्ट्री कोर्स (जेएनयू कोर्स कोड-बीटी 121) को ई-लॄनग कर दिया गया है। यह पहल स्कूल ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी ने किया है। वीरवार को जेएनयू के 

कुलपति ने इस ई-लर्निंग पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार ने कहा कि इसके जरिए छात्र एक कोर्स के साथ अन्य कोर्स भी कर पाएंगे। जैसे कि अगर कोई छात्र राजनीति विज्ञान में एमए कर रहा है तो वो ई-लर्निंग के माध्यम से बॉयोटेक्नोलॉजी की भी पढ़ाई कर पाएंगे। जेएनयू फैकल्टी के तैयार किए जा रहे मूक्स यूजीसी के स्वयं प्लैटफॉर्म में मिलेंगे। इस पहल से देशभर के दूरदराज के स्टूडेंट्स की जेएनयू के  क्वालिटी अकैडमिक प्रोग्राम तक पहुंच बनेगी। जेएनयू के वाइस चांसलर प्रो. जगदीश कुमार कहते हैं, यूनिवर्सिटी को लोगों से हटकर नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे सोसायटी के बीच अपनी पहुंच बनानी चाहिए। जेएनयू में ई-लॄनग सेंटर की बदौलत स्पेस और टाइम से अलग होते हुए यूनिवॢसटी की हाई क्वालिटी एजुकेशन कई स्टूडेंट्स तक पहुंचेगी।

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