जेट एयरवेज ने बढ़ाकर दिखाया था खर्च, आईटी विभाग ने की दफ्तर की जांच

नई दिल्लीः आयकर विभाग को जेट एयरवेज के मुंबई और दिल्ली स्थित ऑफिसेस में छापेमारी में खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के सबूत मिले हैं। आयकर विभाग की एयरलाइन के खिलाफ छापेमारी 19 सितंबर से चल रही है। यह कार्रवाई मुंबई डायरेक्टोरेट ऑफ इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग की तरफ से की गई थी। 

प्रॉफिट घटाने के लिए दिखाया भारी खर्च
घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ आयकर विभाग अधिकारी ने बताया, ‘हमें सर्वे में खर्चों के बिल खासे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जाने के प्रमाण मिले हैं। जेट एयरवेज ने कंपनी के प्रॉफिट को घटाने के लिए रिटर्न की फाइलिंग के दौरान भारी खर्च दिखाए।’ 

चार साल के खंगाले रिकॉर्ड
इसके बाद से आईटी विभाग नरेश गोयल के नियंत्रण वाली जेट एयरवेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध ट्रांजैक्शंस की जांच के लिए रिकॉर्ड्स के सत्यापन का काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग कंपनी से पैसा निकालने की जांच कर रहा है और इसके लिए बीते चार साल के एयरलाइन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और ग्रुप एंटिटीज में दर्ज किए संदिग्ध खर्चों की भी जांच की जा रही है।

तिमाही नतीजे टालने के बाद से चर्चा में है कंपनी 
अधिकारी ने कहा कि विभाग ने जेट एयरवेज द्वारा तिमाही निताजों का ऐलान टाले जाने के बाद सर्वे करने का फैसला किया था। 19 सितंबर को आईटी विभाग ने खर्चों के सत्यापन के लिए सर्वे शुरू किया था। एयरलाइन 9 अगस्त को अपने तिमाही नतीजे टालने और ऑडिटर्स के साथ मतभेदों की खबरों के बाद से सुर्खियों में है। स्टॉक एक्सचेंजेस और मार्केट रेग्युलेटर ने भी कंपनी से जवाब मांगा था।ऑडिटर ने इस मसले पर अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया और कहा था कि एयरलाइन का भविष्य में पूंजी जुटाने और लगातार नकदी प्रवाह जनरेट करने पर निर्भर है। बीते महीने जेट एयरवेज ने कहा था कि कंपनी नई पूंजी का निवेश करेगी और लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत स्टेक बेचेगी।

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