तीन तलाक पर जारी अध्यादेश का JDU ने किया विरोध, कहा- जल्दबाजी में लिया गया फैसला

पटनाः बिहार एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा तीन तलाक के खिलाफ लाए गए अध्यादेश पर असहमति प्रकट की है। जदयू का कहना है कि केंद्र सरकार तीन तलाक पर जल्दबाजी में यह अध्यादेश लाई है। नीतीश कुमार की पार्टी ने इस फैसले का विरोध किया है। 

जेडीयू के राष्‍ट्रीय महासचिव केसी त्‍यागी का कहना है कि जदयू ने पहले भी कहा था कि तीन तलाक से संबंधित भावुक मुद्दे पर मुस्लिम संगठनों को फैसला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून में ऐसा कोई भी बदलाव नहीं करना चाहिए जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।

केसी त्‍यागी का कहना है कि किसी भी प्रकार के कानून को सभी पक्षों के साथ बातचीत करने के बाद ही लागू करना चाहिए। इसके अतिरिक्त ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने केंद्र सरकार के इस अध्यादेश के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला सुनाया है। बोर्ड के प्रवक्ता ने इस फैसले को सरकार का राजनीतिक स्टंट बताया है।

गौरतलब है कि केंद्रीय कैबिनेट ने एकसाथ तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। सरकार को इस अध्यादेश को लेकर विपक्ष के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष के साथ-साथ अब एनडीए की सहयोगी पार्टियां भी सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा कर रही है।

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