पिछले पांच साल में आईटी क्षेत्र ने दिए 8.73 लाख रोजगार, कांग्रेस फैला रही झूठ: प्रसाद

नई दिल्लीः सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि पिछले पांच साल में सिर्फ आईटी क्षेत्र में ही 8.73 लाख नए रोजगार सृजित किए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर रोजगार के आंकड़ों को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। प्रसाद ने कहा, ‘‘कांग्रेस झूठ फैलाने में लगी है। उनके पास अपनी ओर से कहने के लिए कुछ भी नहीं है। मैं हमारे प्रदर्शन के आधार पर कुछ कहता हूं, कयास नहीं तथ्यों पर बात करता हूं, झूठ नहीं।’’

मंत्री ने उद्योग संगठन नासकॉम के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में पिछले पांच साल के दौरान आईटी क्षेत्र ने 8.73 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि आईटी क्षेत्र इस समय कुल मिलाकर 41.40 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार तथा 1.20 करोड़ को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मुहैया करा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने आंकड़े नहीं गिना रहा हूं बल्कि ये नासकॉम के आंकड़े हैं।’’ 

कांग्रेस पार्टी पर बोला हमला
रोजगार की कमी को लेकर विपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी को अपने कार्यकाल के दौरान सृजित रोजगार की संख्या गिनाने की चुनौती दी। प्रसाद ने कहा, ‘‘कोई भी तथ्यों पर बात कर सकता है, झूठ पर नहीं और यदि कांग्रेस पार्टी इतनी ही दिलचस्प है तो वह संप्रग के 10 साल के कार्यकाल के दौरान सृजित किए गए रोजगार का रिकॉर्ड दिखा सकती है जब अर्थव्यवस्था सुस्त थी और भारत भ्रष्टाचार का केंद्र बना हुआ था।’’ उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों तथा बुनियादी संरचना परियोजनाओं में पिछले कुछ साल की तेजी ने रोजगार सृजित किए हैं। 

सोशल मीडिया को दी चेतावनी
प्रसाद ने कहा, ‘‘यदि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक है, यदि राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जा रहे हैं, यदि विनिर्माण में तेजी आ रही है और यदि दुनिया भर में भारतीय अर्थव्यवस्था को पहचान मिल रही है, तब निश्चित ही अधिक से अधिक रोजगार सृजित हो रहे हैं।’’ इस बीच प्रसाद ने सोशल मीडिया कंपनी को चुनाव को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर नजर रख रहा है। प्रसाद ने कहा कि भारीय लोकतंत्र की शुद्धता बेहद पवित्र है। 

उन्होंने कहा कि प्रचार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल ठीक है लेकिन इन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में सूचनाओं का दुरुपयोग नहीं हो।यह पूछे जाने पर कि क्या आईटी मंत्रालय इन कंपनियों पर नजर रख रहा है, प्रसाद ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही यह काम कर रहा है और आयोग के पास कार्रवाई करने का अधिकार भी है। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव आयोग पहले ही इसके (परिस्थिति) ऊपर नजर रख रहा है। उन्हें निगरानी करने दीजिए। उन्होंने एक बैठक की है। सिर्फ यही सही होगा और होना चाहिए कि आयोग निश्चित तौर पर निगरानी करे, तालमेल बिठाए और चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के लिए नियम तय करे।’’     

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