*भारत के ग्रामीण सरकारी स्कूलों में डिजिटल और कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने की* *पहल*

बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं | शिक्षा के माध्यम से हम इस भविष्य को और अधिक  मजबूत बना सकते हैं| ग्वालियर के संसद और भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री श्री
नरेंद्र सिंह तोमर ने ग्रामीण बच्चों को शिक्षा देने की ज़िम्मेदारी ली है| राजनीति से परे, उन्होंने सरकारी स्कूलों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है| उनका मकसद ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों को और बेहतर बनाने की है, जहाँ हमारे देश की नींव पल यही है| देश के विकास के लिए हमारे देश की भविष्य का विकास अनिवार्य है |

भारतीय गाँवों में डिजिटल स्कूलों की सफलता के परिणामस्वरूप उन्होंने सामाजिक संस्था मुसकान फाउंडेशन और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सहयोग के साथ, अपने लोक सभा क्षेत्र के लगभग 70 सरकारी स्कूलों के 100 से ज़्यादा कक्षाओं को डिजिटल कक्षा में परिवर्तित करने का कार्य शुरू किया है | आजके ज़माने में पूरी दुनिया  ऑनलाइन आ चुकी है | शेष विकासशील दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होने के लिए ग्रामीण बच्चों को कंप्यूटर और डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम होना चाहिए | मोदी जी की डिजिटल इंडिया का सपना पूरा करने के लिए, नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने क्षेत्र के हर मिडिल स्कूल को जल्द डिजिटल स्कूल में परिवर्तित करने का निर्णेय लिया है |

ये कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ग्रामीण बच्चों को शहर के बच्चों के समान शैक्षणिक सुविधाएं मिलनी चाहिए| इन योजनाओं की सफलता के लिए गाँव के लोगों को अपना समर्थन देना होगा | गाँव के हर सदस्य को स्कूल के रख वाली की ज़िम्मेदारी उठानी  पड़ेगी ताकि स्कूल को भविष्य में लंबी समय तक संचालित किया जा सके| प्रति एक नागरिक को बच्चों एवं युवा को सशक्त बनाने के दिशा में ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए| प्रयास और पहल भारत में निरक्षरता और गरीबी की समस्या को ख़त्म करने में मदद कर सकती है |

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