भारतीय रेलवे ने तैयार किया पहला स्मार्ट कोच, मिलेंगी कमाल की सुविधाएं

बिजनेस डेस्कः भारतीय रेलवे ने देश का पहला स्मार्ट कोच तैयार कर लिया है। स्मार्ट कोच की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ट्रैक फ्रैक्चर होने, पहिए में होने वाली गड़बड़ी, बेयरिंग घिसने समेत कोच की सभी तरह की खराबी की सूचना पहले ही मिल जाएगी। इससे ट्रेन दुर्घटना में कमी आएगी। रेलवे इस तैयार स्मार्ट कोच को कैफियत एक्सप्रेस में लगाने जा रही है।



कोच में लगे हैं कई सेंसर
12 से 14 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च कर इस कोच को रायबरेली की मॉर्डन कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है। कोच न सिर्फ तापमान कंट्रोल करेगा, बल्कि डस्ट इंफेक्शन लेवल की जानकारी भी देगा। कोच में कई तरह के सेंसर लगाए गए हैं। वीइल, बेयरिंग, स्प्रिंग, ऑसिलेशन और ट्रैक के लिए कोच में अलग-अलग सेंसर लगे हैं। किसी भी पार्ट में खराबी आने पर सेंसर तुरंत कंट्रोल रूम को अर्ल्ट कर देगा। कोच में ब्रेक जाम होना, स्प्रिंग पर अधिक प्रेशर पड़ने से उसका टूट जाना, ट्रैक फ्रैक्चर आदि समस्या आम है।



मिलेंगी ये खास सुविधाएं 
इस कोच में एसी, डिस्क ब्रेक सिस्टम, फायर डिटेक्शन, अलार्म सिस्टम, वॉटर लेवल इंडिकेटर जैसी सुविधाएं हैं। इसके अलावा इमरजेंसी टॉक बैक सिस्टम भी है। कोच के पैसेंजर टॉइलट के पास लगे इस सिस्टम के बटन को दबाकर सीधा गार्ड से बात कर सकेंगे और मदद ले सकेंगे। पैसेंजर अपने स्मार्टफोन और टैब पर एनफोटेनमेंट सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सफर के दौरान पैसेंजरों को यह जानकारी रहेगी कि अगला स्टेशन कितनी देर में आ रहा है। ट्रेन यदि बीच रास्ते रुकी है तो वह कहां है और क्यों रुकी है, ट्रेन किस स्पीड से चल रही है आदि।



CCTV से रखी जाएगी नजर
स्मार्ट कोच में लगे सीसीटीवी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कैपेबिलिटी से लैस होंगे। इससे न सिर्फ हाउसकीपिंग, टीटी, ट्रेनों की पेंट्री, संदिग्ध पैसेंजरों पर नजर रखना आसान होगा। साथ ही सीसीटीवी की रिकॉर्ड 30 दिनों तक सुरक्षित रहेगी, जिसकी वजह से अपराध होने पर वह उसे हल करने में मदद करेंगी। 

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