अब आपको नहीं मिलेगी सेना में भर्ती,कारण जान रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली (इंट.): भारतीय सेना अगले 4 से 5 सालों में डेढ़ लाख नौकरियों में कटौती कर सकती है। थल सेना में बड़े स्तर पर की गई एक समीक्षा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया है कि सेना को अपना प्रभाव बढ़ाने और भविष्य की लड़ाइयों के लिए तैयारी करनी चाहिए। इस फैसले की जानकारी रखने वाले 2 अधिकारियों ने ये बातें कहीं। इस समीक्षा के आदेश 21 जून को दिए गए थे। सैन्य सचिव लैफ्टीनैंट जनरल जे.एस. संधू की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के पैनल ने यह समीक्षा की है। इस महीने के अंत तक सेना प्रमुख बिपिन रावत के सामने इसे प्रस्तुत किया जाएगा।

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सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भविष्य में कुछ यूनिटों को मर्ज कर दिया जाएगा जिससे कि आने वाले 2 वर्षों में 50,000 सैनिकों की भूमिका खत्म हो जाएगी। वहीं 1 लाख की छंटनी 2022-23 में की जा सकती है। हालांकि ये सारी बातें अभी प्राथमिक अवस्था में हैं। अधिकारी ने बताया कि छंटनी सिर्फ  सेना में कनिष्ठ स्तर पर नहीं बल्कि सेना मुख्यालय में बैठे निदेशक स्तर तक की जाएगी। इसमें लॉजिस्टिक यूनिट, कम्युनिकेशन, मुरम्मत और दूसरे  प्रशासन  और  सपोर्ट  के   क्षेत्रों  से  लोगों को हटाया जाएगा।

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वहीं सेना में हो रहे बड़े बदलावों को देखते हुए दूसरे अधिकारी ने कहा कि विभिन्न इकाइयों में सब कुछ बहुत धुंधला हो चुका है। इसकी वजह से एक ही काम के लिए कई लोग मौजूद हैं। यही नहीं, अधिकारी ने यह भी बताया कि समय आ गया है कि इकाइयों में जांच की जाए और अगर जरूरत हुई तो इन्हें जोड़ा भी जाएगा जिससे सेना के खर्चों में बड़े स्तर पर कटौती भी संभव है। सेना से रिटायर नार्दर्न कमांडर लैफ्टीनैंट जनरल बी.एस. जसवाल ने कहा कि सेना के रसद विभाग के साथ-साथ कई इकाइयों की रिव्यू किए जाने की जरूरत है क्योंकि यहां बड़े स्तर पर दोहराव है जिसे ठीक किए जाने की जरूरत है।  बता दें कि अगस्त 2017 में सरकार ने आर्मी में एक बड़े बदलाव की घोषणा की थी, साथ ही 57,000 सैनिकों को फिर से बहाल करने की बात कही थी। बड़े स्तर पर यह कटौती सेना में हो रहे अनियंत्रित खर्चों को नियंत्रित करने के लिए की जानी है। 

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