चीनी पनडुब्बियों पर होगी भारत की नजर, भारत अमेरिका के बीच हुआ COMCASA एग्रीमेंट

नेशनल डेस्कः चीन की ओर से बढ़ने वाली हर पनडुब्बी पर अब भारतीय सेना की नजर होगी। उसकी पल-पल की खबर भारत तक पहुंचेगी। इतना ही नहीं भारतीय नौसेना को चीनी जहाजों की सटीक गति और लाइव वीडियो भी मिल सकेगी। यह सभी जानकारियां भारत को अमेरिका द्वारा दी जाएगी और यह संभंव भो पाया है, भारत अमेरिका के बीच हुए ‘COMCASA समझौते’ की बदौलत, जिस पर दोनों देशों ने आज 2 प्लस 2 वार्ता के दौरान समझौते पर साइन किए हैं।

PunjabKesari

दोनों देशों के बीच स्थापित होगा सैन्य संवाद 
भारत और अमेरिका के बीच हुई 2 प्लस 2 वार्ता में ‘COMCASA समझौते’ (कम्यूनिकेशन कम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते के बाद अब दोनों देश सुरक्षित सैन्य संवाद स्थापित कर सकेंगे। इसके साथ ही भारत को अमेरिका से उच्चतकनीक वाले संचार उपरकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी और संवेदनशील सैन्य उपकरण भी भारत आ सकेंगे। इससे भारत की सैन्य शक्ति में बढ़ोतरी होगी। भारत इन उच्चस्तरीय तकनीक के दम पर अपनी ओर बढ़ने वाले दुश्मन पर कड़ी निगरानी रख सकेगा।

PunjabKesari

अमेरिकी रक्षामंत्री जेम्स मैंटिस और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो व भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीच 2 प्लस 2 वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया गया कि भारत और अमेरिका के बीच अहम सैन्य समझौते ‘COMCASA’ पर हस्ताक्षर किए गए। जिसके जरिये भारतो को महत्वपूर्ण अमेरिकी रक्षा तकनीक हासिल करने में मदद मिलेगी।

PunjabKesari

बता दें कि अमेरिकी सरकार का एक सूचना तंत्र है। कम्बाइंड इंटरप्राइजेज रीजनल इनर्फोमेशन एक्सचेंज सिस्टम। यह एक ऐसा सूचना तंत्र है, जिसके जरिए अमेरिका अपने सहयोगी देशों के बीच सैन्य सूचनाओं का आदान प्रदान करता है। भारत भी अब उन देशों की सूची में जुड़ गया है, जिन्हें अमेरिका सैंट्रिक्स के जरिए सूचना साझा करता है।

PunjabKesari

अमेरिका का सूचना तंत्र इतना सक्षम है कि वह हर मिसाइल और पनडुब्बी की हरकतों को मिनटों में ट्रैक कर लेता है। इसलिए भारत की ओर बढ़ने वाले हर खतरे पर अमेरिकी खुफिया तंत्र की नजर होगी। माना जा रहा है कि समझौते के तहत भारत भी अमेरिकी खुफिया तंत्र का इस्तेमाल कर सकेगा।  
 
 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!