भारत का कॉफी उत्पादन बाढ़ के कारण 20% घट सकता है

नई दिल्लीः कॉफी बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में बाढ़ के कारण अक्टूबर 2018 से शुरू होने वाले नए विपणन वर्ष में भारत का कॉफी उत्पादन 20 फीसदी घटकर करीब 2,53,000 टन रह सकता है। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार विपणन वर्ष 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में भारत ने 3,16,000 टन कॉफी उत्पादन किया था। 

बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, 'बड़े पैमाने पर भूस्खलन के कारण कर्नाटक में बहुत से कॉफी बगान मिट्टी के ढेर में बदल गया है। उद्योग का अनुमान है कि बाढ़ के चलते वर्ष 2018-19 में कॉफी उत्पादन में कम से कम पांचवें हिस्से के बराबर की कमी हो सकती है।' देश में काफी की 90 प्रतिशत पैदावार कर्नाटक और केरल होती है। सरकारी आंकलनों के मुताबिक बाढ़ व बारिश से 2.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में काफी की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। इससे 654 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। 

बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि मौजूदा 2017-18 के विपणन वर्ष में कर्नाटक में 2,22,300 टन कॉफी और केरल 65,735 टन कॉफी उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है। कर्नाटक सरकार ने पिछले हफ्ते केंद्र सरकार को राज्य में प्रभावित कॉफी उत्पादकों के लिए 654 करोड़ रुपए के धन उपलब्ध कराने की मांग की थी। भारत इटली, जर्मनी और रूस जैसे देशों में कॉफी की रोबस्टा और अरबिका दोनों किस्मों का निर्यात करता है।  
 

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