इंडिया पोस्ट बैंक के ग्राहकों पर भारी पड़ेगा शुल्क!

नई दिल्लीः इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) देश का अब तक का सबसे बड़ा भुगतान बैंक है जिसके पास 1.55 लाख डाकघर और तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य बैंकिंग सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक के लेनदेन शुल्क और पाबंदियों की लंबी सूची इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। आईपीपीबी तिमाही आधार पर 4 फीसदी ब्याज दर दे रहा है जो अधिकांश बचत बैंक खातों (3.5 फीसदी) से थोड़ा बेहतर है लेकिन यह लेनदेन, नकद निकासी और यहां तक की पैसा जमा करने पर भारी लेनदेन शुल्क वसूल रहा है।

अगर उपभोक्ता घर पर नकद की आपूर्ति चाहते हैं तो उन्हें हर लेनदेन पर कम से कम 25 रुपए शुल्क और जीएसटी अलग से देना होगा। अगर निकासी बैंकिंग सेवा केंद्र पर की जाती है तो हर महीने केवल 25,000 रुपए की निकासी ही मुफ्त होगी। इससे अधिक रकम निकालने पर घर और सेवा केंद्र में 5 से 10 रुपए का शुल्क वसूला जाएगा। इन शुल्कों के अलावा भी कई तरह के अन्य शुल्क हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि ग्राहकों को ग्रामीण डाकघरों से नकद निकासी में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि वहां केवल दो-तीन कर्मचारी होते हैं जो अपने पास ज्यादा नकदी नहीं रख सकते। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि ग्राहक घर पर सुविधा देने के लिए अनुरोध करेंगे जिस पर प्रति लेनदेन 25 रुपए शुल्क लगेगा। यहां तक कि गैर वित्तीय डिजिटल लेनदेन पर भी प्रति लेनदेन 15 रुपए का शुल्क लगेगा। अन्य बैंक और भुगतान बैंक कई सुविधाएं नि:शुल्क मुहैया कराते हैं। 

पेटीएम पेमेंट्स बैंक अपने एटीएम कार्ड से महीने में 5 बार मुफ्त निकासी की सुविधा देता है और उसके बाद हर निकासी पर 20 रुपए वसूलता है। आईपीपीबी में अभी एटीएम कार्ड उपलब्ध नहीं है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है क्योंकि उनके पास यूपीआई के जरिए पैसा भेजने का तरीका नहीं है। 

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