इंडिया को उच्च रक्षा प्रौद्योगिकी मिलने का रास्ता साफ, समझौते पर लगी मुहर

इंटरनैशनल डेस्कः सैन्य साजो-सामान के आदान-प्रदान से संबंधित समझौता करने के 2 साल बाद भारत और अमरीका ने वीरवार को एक और अति महत्वपूर्ण सैन्य समझौते ‘संचार अनुकूलता एवं सुरक्षा समझौता’ (कॉमकोसा) पर मुहर लगा दी जिससे अब  इंडिया  को  उच्च रक्षा प्रौद्योगिकी हासिल हो सकेगी।  दोनों देशों ने रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों के बीच हॉटलाइन शुरू करने का भी निर्णय लिया है जिससे दोनों रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों के बीच सीधा संपर्क  स्थापित हो जाएगा।


दोनों देशों की तीनों सेनाओं के बीच पहली बार अगले वर्ष भारत में संयुक्त सैन्य अभ्यास के आयोजन का भी फैसला किया गया। यह अभ्यास देश के पूर्वी तट पर किया जाएगा। भारत और अमरीका के बीच वीरवार को पहली टू प्लस टू वार्ता हुई। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करना तथा भारत-प्रशांत क्षेत्र में वैश्विक रणनीतिक सहयोग को विशेष तौर पर बढ़ाना है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने टू प्लस टू वार्ता के तहत अमरीकी विदेश मंत्री माइक आर. पोम्पिओ तथा रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से बातचीत की।

दोनों देशो ने दी पाकिस्तान को चेतावनी
भारत और अमरीका ने वीरवार को पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उसके भू-भाग का उपयोग आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए नहीं हो। दोनों देशों ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि मुम्बई, पठानकोट और उड़ी हमले सहित सीमा पार से हुए विभिन्न आतंकवादी हमलों के सरगनाओं को जल्द से जल्द न्याय की जद में लाया जाए।  

पाकिस्तान को यह सख्त चेतावनी भारत और अमरीका के बीच पहली बार हुई ‘टू प्लस टू’ वार्ता के बाद दी गई। वार्ता के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमरीकी विदेश मंत्री माइक  आर.  पोम्पिओ  और  रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। 


 

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