भारत का अगले 15 साल में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में आने का लक्ष्य : मोदी

सियोल:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत जल्द 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 15 साल में भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में होगा। सियोल में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल के वर्षों में उनकी सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों को जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा मुद्रा पहल का उल्लेख किया। 


मोदी ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। ‘‘हमारा लक्ष्य अगले 15 साल में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में आने का है।’’ मोदी ने कहा कि आज भारतीय अर्थव्यवस्था छठे स्थान पर है। इसे पांचवें स्थान पर लाने के लिए अधिक समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा, ‘‘कोरिया में आप सिर्फ भारतीय त्योहार दीवाली, होली और बैसाखी मनाते ही नहीं हो बल्कि इसमें अपने कोरिया के दोस्तों को भी शामिल करते हों’’ उन्होंने कहा कि आज कोरिया के शहरों में भारतीय रेस्तरां दिखने लगे हैं। यहां के मेन्यू में भारतीय व्यंजन शामिल हैं। यहां तक कि कोरिया के लोग भी अब समझने लगे हैं कि अमुक भारतीय व्यंजन क्या है। 

मोदी ने कहा कि भारतीय फिल्में कोरिया में लोकप्रिय हो रही हैं। ‘‘अब हम कोरिया के बच्चों के मुंह से कबड्डी, कबड्डी सुन सकते हैं। 2018 में कोरिया ने एशियाई खेलों में कबड्डी का रजत पद हासिल किया था। मैं कोरिया के सभी लोगों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि सिर्फ एक व्यक्ति राजदूत होता है, लेकिन प्रत्येक भारतीय चाहे वह कहीं भी रहता हो, वह देश का राजदूत या प्रतिनिधि होता है। आप सभी भारतीय राजदूत हैं।’’ उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की वजह से यह भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण वर्ष है। यह ऐसा अवसर है जब हम उन्हें याद कर सकते हैं उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा ले सकते हैं। 

मोदी ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य की बात है कि गांधी को वह महत्व नहीं दिया गया जो उनके जैसे विशाल व्यक्तित्व को मिलना चाहिए था। दुनिया नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, जॉन एफ केनेडी को जानती है....यह हमारा सपना है कि दुनिया का प्रत्येक बच्चा महात्मा गांधी के बारे में जाने।’’

उन्होंने कहा कि गांधी की शिक्षा ऐसे समय और महत्वपूर्ण हो जाती है जबकि दुनिया कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। मोदी ने कहा कि गांधी के ह्दय में पर्यावरण के लिए खास स्थान था। उनकी याद में हम कोरिया में 150 पौधे लगाएंगे। मोदी ने कहा कि सुधारों की वजह से भारत विश्वबैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में 77वें स्थान पर आ गया है। अगले साल में हमारा 50वें स्थान पर आने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले हम सुनते थे कि भारत का मतलब दुनिया की पांच सबसे कमजोर उभरती अर्थव्यवस्थाओं में था। आज यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। भारत जल्द 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

मोदी ने कहा कि आज प्रत्येक भारतीय का बैंक खाता है। एक हजार दिन में 33 करोड़ से अधिक खाते खोले गए। अब इन खातों में 12 अरब डॉलर हैं। मुद्रा पहल के तहत 12.8 करोड़ लोगों को 90 अरब डॉलर से अधिक का सूक्ष्म ऋण दिया गया। इन लाभाॢथयों में 74 प्रतिशत महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री मोदी बृहस्पतिवार को दो दिन की राजकीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचे। वह शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेता ट्रंप-किम शिखर बैठक से पहले कोरिया प्रायद्वीप को परमाणुमुक्त करने के मुद्दे पर विचार करेंगे। 
 
   
    

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