सुरक्षित नहीं है जेट एयरवेज में सफर, इंजीनियरों ने DGCA को पत्र लिख दी सूचना

नई दिल्लीः नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जेट एयरवेज का अपने विमानों को उड़ान भरने से रोकने और उड़ानों को रद्द करने का सिलसिला जारी है। इसी बीच कंपनी के विमान रख-रखाव इंजीनियरों के संघ ने विमानन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को मंगलवार को सूचना दी कि उन्हें तीन माह से पगार नहीं मिली है और उड़ानों की सुरक्षा जोखिम में है। 

जेट एयरवेज के विमानों की सुरक्षा जोखिम  पर
जेट एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईडब्ल्यूए) ने डीजीसीए को एक पत्र में लिखा है, ‘हमारे लिए अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। इसके परिणामस्वरूप विमान इंजीनियरों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ा है और यह उनके काम को भी प्रभावित करता है। ऐसे में देश और विदेश में उड़ान भरने वाले जेट एयरवेज के विमानों की सुरक्षा जोखिम पर है।’ 

दबाव में हैं इंजीनियर 
पत्र के अनुसार, ‘जहां वरिष्ठ प्रबंधन कारोबार में समाधान के तौर-तरीके खोज रहे हैं। हम इंजीनियर पिछले 7 माह से समय से वेतन नहीं मिलने से बहुत दबाव में हैं और विशेष तौर पर 3 महीने से तो हमें वेतन मिला ही नहीं है। हम विमानों की जांच करते हैं, उनकी मरम्मत करते हैं और यह प्रमाणित करते हैं कि विमान उड़ने लायक है या नहीं।’ 

नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने सोमवार को अपने चार और विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया था। पट्टे पर लिए विमानों का किराया नहीं चुकाए जाने के चलते उसके परिचालन से बाहर हुए कुल विमानों की संख्या 41 हो गई है। जेएएमईडब्ल्यूए ने इस मामले में डीजीसीए से हस्तक्षेप की मांग की है।

नरेश गोयल ने अपने 16,000 कर्मचारियों को लिखा पत्र
जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने अपने 16,000 कर्मचारियों को पत्र लिखा है। इस पत्र में नरेश गोयल ने कर्मचारियों से अपील की है कि वह कंपनी पर भरोसा बनाए रखें। नरेश गोयल ने कहा,  ''स्थिरता बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसकी कंपनी को इस समय बहुत जरूरत है। इसके साथ ही परिचालन को भी बहुत जल्द सुचारू बना लिया जाएगा।'' 

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