भारत की कार्रवाई से डरा पाक, जमात- उद- दावा पर लगाया प्रतिबंध

इस्लामाबादः जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की बैचेनी बढ़ती जा रही है। इसी बेचैनी के कारण गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया है। कुछ दिन पहले ही मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के इन दोनों संगठनों पर बैन हटाया गया था। हाफिज सईद इन दोनों संगठनों के जरिए करीब 300 धार्मिक शिक्षण संस्थान और स्कूल, अस्पताल, पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सर्विस चलाता है। उसके करीब 50 हजार स्वयंसेवक और सैकड़ों कर्मचारी हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि पहले से ही इन दोनों संगठनों पर निगरानी रखी जा रही थी। उधर, पाकिस्तान की टॉप सिक्यॉरिटी बॉडी ने कहा कि पुलवामा हमले में उनका देश किसी भी तरह से शामिल नहीं था। इस दौरान पाकिस्तान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और उसकी चैरिटी विंग फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को बैन करने का आदेश दे दिया।

सूत्रों के हवाले से जियो न्यूज ने बताया कि इसके बाद एनएससी बैठक के दौरान पुलवामा हमले और इसके बाद उपजी स्थिति पर चर्चा की गई। इस बैठक में सेना प्रमुख जनरल बाजवा, सेवाओं के प्रमुख, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों, सुरक्षा अधिकारियों और वित्त, रक्षा, विदेश मामलों तथा गृह विभाग के लिए संघीय तथा राज्य मंत्रियों ने भाग लिया। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गत 14 फरवरी को पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीआरपीएफ की एक बस से टकरा दिया था जिससे 40 जवान शहीद हो गये थे। विदेश कार्यालय के अधिकारियों ने एनएससी परिषद को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई के बारे में बताया। 

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