सैनिकों का पैन, पर्सनल नंबर सहित अहम डाटा लीक

नई दिल्ली: सैनिकों के पर्सनल नंबर और परमानैंट अकाऊंट नंबर (पैन) सहित अहम डाटा सरकारी पे वैबसाइट्स पर लीक हो गया। यह पता नहीं चल सका कि कितने सैनिकों का डाटा लीक हुआ है। इस घटना के बाद सरकार ने सिक्योरिटी प्रोटोकॉल की समीक्षा करने का निर्देश दिया और लीक को रोकने बारे उठाए गए कदमों की रिपोर्ट तलब की। पिछले कुछ महीनों में किए गए आंतरिक सर्वे के अनुसार सैनिकों के नाम, उनके मिलिट्री आई.डी. नंबर और पैन सहित कई अन्य जानकारियां रक्षा मंत्रालय के पे एंड अकाऊंट ऑफिस की वैबसाइट्स पर सार्वजनिक हो गई थीं। ये ऑफिस देश में कई जगहों पर हैं।

ऑडिट के बाद संवेदनशील सूचना के खुलासे पर सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए और कहा गया कि डाटा वैबसाइट के होम पेज से इस जानकारी को तुरंत हटाया जाए और दुरुपयोग रोकने के लिए एक्सैस पर कंट्रोल किया जाए। कार्यालयों को यह निर्देश भी दिए गए कि संवेदनशील सूचना एक सिक्योर्ड लॉग-इन के बाद ‘यूजर रोल बेस्ड एक्सैस’ के जरिए ही दी जाए। साथ ही इस संबंधी एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। इसी के चलते सोमवार को मंत्रालय की कई वैबसाइट्स पर एक्सैस नहीं किया जा सका क्योंकि सुरक्षा से संबंधित निर्देश के बाद उन्हें ऑफलाइन कर दिया गया था।

इन वैबसाइट्स में बेंगलुरु के एक पे ऑफिस से जुड़े पैरा रैजीमैंट के सैनिकों का डाटा और बेलगाम में मराठा लाइट इन्फैंट्री पे ऑफिस की वैबसाइट भी शामिल थी। रक्षा मंत्रालय की पे-लिंक वैबसाइट्स के साथ इससे पहले भी छेड़छाड़ हो चुकी है। हैकर्स ने 2015 में प्रिंसीपल कंट्रोलर डिफैंस अकाऊंट्स (ऑफिसर्स) के ऑफिस की वैबसाइट को हैक कर लिया था। ऐसे में इसे एक बड़ी चूक माना जा रहा है।

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