पाक सीमा के पास वायुसेना ने दिखाई ताकत, 2 घंटे में गरजे 137 लड़ाकू विमान

पोखरणः वायु सेना ने शनिवार को पाकिस्तान से लगती सीमा के निकट राजस्थान के पोखरण में अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया जिसमें उसके 140 लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और मालवाहक विमानों ने दिन, सूर्यास्त और रात के समय लक्ष्यों को पता लगाकर उन्हें नेस्तनाबूद करने के कौशल का नमूना पेश किया। पिछले वर्ष चीन- पाकिस्तान से लगते दोनों मोर्चों पर गगन शक्ति अभ्यास में अपनी ता$कत का अहसास कराने के बाद वायु सेना ने आज अनेक देशों के राजदूतों ओर रक्षा अताशों के सामने वायु शक्ति 2019 में अपनी मारक क्षमता का परिचय दिया। इससे रेंज के आसपास जमीन औऱ आसमान थरा गए।


जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर गुरुवार को हुए आतंकी हमले के बाद इस अभ्यास का महत्व औऱ बढ़ गया है। इस हमले में 40 जवान शहीद ही गए औऱ इतने ही घायल हो गए हैं। इस मौके पर वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने कहा कि इस अभ्यास में वायु सेना पूरी शक्ति और तेजी के साथ दुश्मन पर जबरदस्त प्रहार करने की ताकत का प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि वायु सेना हर स्थिति से निपटने तथा राजनीतिक नेतृत्व द्वारा दिये जाने वाले हर मिशन को पूरा करने को तैयार है।


सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत औऱ जाने माने क्रिकेटर तथा मानद ग्रुप कैप्टन सचिन तेंदुलकर भी मंच पर मौजूद थे। हमले के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पोखरण आने के बजाय शहीदों के परिजनों से मिलने के लिए तमिलनाडु जाने का निर्णय लिया। इस अभ्यास की शुरूआत दिल्ली के बाहरी क्षेत्र से लगती तिलपत रेंज में की गयी थी। वर्ष 1999 में इसे पोखरण ले जाया गया और इसके बाद से यह पोखरण में हो रहा है। आखिरी अभ्यास वर्ष 2016 में पोखरण में ही ‘आयरन फिस्ट’ के नाम से किया गया था।


अभ्यास में मुख्य रूप से लक्ष्य को पहचान कर तथा उसका पता लगाकर उसे नष्ट करने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। इन लक्ष्यों में दुश्मन के हवाई अड्डे, राडार , रनवे आदि शामिल थे। उससे पहले यह योजना बनायी जाती है कि लक्ष्य को कैसे और कितना तथा किस तरह से नष्ट करना है। वायु शक्ति 2019 में वायु सेना के 81 लड़ाकू विमानों मिग-29, मिग-27, जगुआर, सुखोई-30, मिराज -2000, स्वदेशी तेजस, एम आई-17 हेलिकॉप्टर, मालवाहक विमान ए एन-32, सी 130 हरक्यूलिस और आई एल -76 ने अपनी ताकत का परिचय दिया। एमआई-17 हेलिकॉप्टर बॉम्बी बकेट के जरिये आग बुझाने के अभियान में शामिल हुआ।

इसके साथ ही आपदाओं के समय बचाव अभियान की भी झलक इसमें दिखायी दी। आकाश मिसाइल और अस्त्र ने भी अपनी मारक क्षमता तथा ताकत दिखाई। अभ्यास में स्वेदशी तेजस के साथ-साथ देश में ही उन्नत किये गये लड़ाकू विमान मिग और मिराज का बोलबाला रहा। साथ ही स्वदेशी मिसाइल प्रणाली की धमक भी सुनाई दी। 

 

 

Related Stories:

RELATED पाकिस्तान की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने को तैयार वायु सेना