यौन अपराधियों का रिकॉर्ड रखने वाला 9वां देश बना भारत, लॉन्च किये एप

नई दिल्लीःसरकार ने महिला सुरक्षा पुख्ता बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए आज दो पोर्टल लांच किये जिनमें से एक यौन अपराधियों के डाटा बेस तथा दूसरा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध पर रोक से संबंधित है। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इन दोनों पोर्टलों का उद्घाटन किया। यौन अपराधियों के राष्ट्रीय डाटाबेस का रख रखाव राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो करेगा और इसमें देश भर के यौन अपराधियों की जानकारी एकत्र की जायेगी।



यह डाटाबेस जांच एजेन्सियों के लिए उपलब्ध होगा जो जांच तथा निगरानी के लिए इसका इस्तेमाल करेंगी। इसमें बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, पोस्को और छेडख़ानी के अपराधियों के ब्योरे दर्ज होंगे। अभी इस डाटाबेस में लगभग साढे चार लाख प्रविष्टियां हैं। राज्यों की पुलिस से कहा गया है कि वे 2005 के बाद से डाटाबेस को अपडेट करें। इस डाटाबेस में अपराधियों के नाम, पते, फोटोग्राफ और फिंगरप्रिंट आदि रहेंगे। इस बात का ख्याल रखा जायेगा कि किसी की निजता का हनन न हो।



गृह मंत्रालय ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को साइबर अपराध सह प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं के लिए 94.5 करोड रूपये की राशि जारी की है। इससे पुलिसकर्मियों,सरकारी अभियोजकों और न्यायिक अधिकारियों की कार्य क्षमता बढेगी। महिलाओं और बच्चों को ऑनलाइन अश्लील सामग्री भेजने वालों की शिकायत करने वालों के लिए ‘साइबरक्राइम डाट गोव डाट इन’ पोर्टल शुरू किया गया है।



पोर्टल का उद्घाटन करने के बाद सिंह ने अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये बात की। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए अनेक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि ये दोनों पोर्टल इस कडी में बनाये गये हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इस मौके पर जांच एजेन्सियों से आश्रय स्थलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यौन अपराधों की शीघ्र जांच के लिए पुलिस स्टेशनों में फोरेन्सिक किट उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी बल दिया। 

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