SC ने राज्य सरकारों से पूछा, दागी MPs और MLAs के खिलाफ कितने आपराधिक मुकद्दमें लंबित

नई दिल्ली: दागी विधायकों और सांसदों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिव और वहां की हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से पूछा कि उनके यहां कितने आपराधिक मुकद्दमे लंबित हैं। साथ ही सर्वोच्चा न्यायलय ने पूछा कि क्या इन सभी मुकद्दमों को सुप्रीम कोर्ट के दिए पुराने फैसले के मुताबिक स्पेशल कोर्ट को ट्रांसफर किया जा चुका है या नहीं। इस मामले में अब अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट भाजपा प्रवक्ता अश्वनी उपाध्याय की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें दागी सांसदों और विधायकों के अपराधिक मामले की तेजी से निपटारे के लिए स्पेशल कोर्ट बनाने की मांग की गई है। इस मामले में केंद्र सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया था कि इस वक्त 1581 सांसदों और विधायकों पर करीब 13500 आपराधिक मामले लंबित हैं और इन मामलों के निपटारे के लिए एक साल के लिए 12 विशेष अदालतों का गठन होगा। वहीं केंद्र ने कहा था कि इसके लिए करीब 7.80 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

इन राज्यों में बनाए गए स्पेशल कोर्ट
आंध्र प्रदेश बिहार, बंगाल, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना जैसे 10 राज्यों में 1-1 विशेष कोर्ट बने हैं। दिल्ली में 2 विशेष कोर्ट काम कर रहे हैं। केंद्र ने कोर्ट में बताया कि दिल्ली समेत 11 राज्यों से मिले आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल सांसदों और विधायकों के खिलाफ 1233 केस 12 स्पेशल फास्ट ट्रेक कोर्ट में ट्रांसफर किए गए हैं और 136 केसों का निपटारा किया गया है जबकि 1097 मामले अदालतों में लंबित हैं।

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