ऑफ द रिकॉर्डः पीयूष गोयल ने कैसे लगाई जीके पिल्लै की ‘क्लास’

नेशनल डेस्कः वित्त मंत्रालय की ‘ड्यूटी ड्रा बैक’ समिति के शक्तिशाली चेयरमैन जी.के. पिल्लै की हाल ही में अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने ‘क्लास’ लगाई। रविवार का दिन था जब गोयल ने गार्मैंट्स निर्यातकों के रिफंड के लम्बित मामलों को सुलझाने के लिए अधिकारियों की बैठक अपने कार्यालय में बुलाई। कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को भी उच्चाधिकारियों के साथ बुलाया गया और साथ ही निर्यातकों को भी ताकि उनकी लम्बित समस्या को हल किया जा सके। बैठक के दौरान यह बात उभर कर सामने आई कि जी.के. पिल्लै समिति द्वारा मामले को सुलझाया जाना है और इसकी रिपोर्ट का इंतजार है। गोयल इस बात को लेकर हैरान हुए और पूछा, ‘‘इसलिए आप परेशान हैं क्योंकि रिपोर्ट लम्बित है।’’

वित्त मंत्रालय के प्रमुख अधिकारियों ने इसका जवाब ‘हां’ में दिया। गोयल ने पिल्लै का मोबाइल नंबर मांगा और खुद उनको फोन किया। जब पिल्लै ने फोन रिसीव किया तो उन्होंने गोयल को बताया कि वह कार ड्राइव कर रहे हैं। गोयल ने उनसे नम्रतापूर्वक कहा कि वह कार को सड़क के किनारे खड़ा कर दें क्योंकि वह उनके साथ कुछ महत्वपूर्ण बात करना चाहते हैं। स्मरण रहे कि पिल्लै बहुत ही अनुभवी नौकरशाह हैं। अरुण जेतली ने उन्हें गार्मैंट्स निर्यातकों की समस्या को सुलझाने के लिए समिति का चेयरमैन बनाया है। गार्मैंट्स निर्यातकों का ड्यूटी ड्रा बैक का रिफंड 6 हजार करोड़ रुपए लटका हुआ है। गोयल ने उनसे कहा कि क्या उनके लिए यह संभव है कि वह अपनी रिपोर्ट अगले 10 दिनों में सौंप दें। इस पर पिल्लै आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने ऐसा करने का आश्वासन दिया।

जी.एस.टी. लागू होने से पूर्व गार्मैंट्स निर्यातक अपने उत्पाद सहित खर्च मूल्य के 2.9 प्रतिशत से लेकर 3.9 प्रतिशत के बीच रिफंड वापस लिया करते थे क्योंकि अधिकांश राज्य टैक्स लगाते थे जिनमें सैंट्रल सेल्स टैक्स भी शामिल है। जी.एस.टी. लागू होने से वे अब खत्म हो गए हैं। सरकार ने इसे 0.39 प्रतिशत की अंतरिम दर तक घटाने का फैसला किया है (सितम्बर 2017 तक) मगर निर्यातकों ने इस बात को लेकर रोष व्यक्त किया कि वे जुर्माना क्यों दें। वास्तव में वे जॉब वर्क और स्टॉक ट्रांसफर पर जी.एस.टी. देना चाहते हैं जहां ‘ड्रा बैक उपलब्ध’ नहीं है। अंतरिम रिपोर्ट आ गई और कुछ ही दिनों के भीतर गोयल ने उद्योग को बहुत बड़ी राहत दे दी। उद्योग पर नजर रखने वालों का कहना है कि मोदी सरकार में किसी एक मंत्री के लिए इस ढंग से काम करना एक असामान्य बात है।

Related Stories:

RELATED पीयूष गोयल पर भड़के रेल कर्मी, गाड़ी पर किया हमला (Video)