होलिका दहन: बुरी नज़र से लेकर तंत्र-मंत्र की काट हैं ये उपाय

ये नहीं देखा तो क्या देखा (Video)


होली व दीवाली ऐसे विशेष अवसर हैं जब हर प्रकार की साधनाएं, तांत्रिक क्रियाएं तथा छोटे-छोटे उपाय भी सार्थक हो जाते हैं। आपके घर, दुकान, प्रतिष्ठान को नजर लग गई हो या प्रतिद्वंद्वी ने कुछ करा दिया हो तो, होलिका दहन की सायं मुख्य द्वार की दहलीज पर लाल गुलाल छिड़कें, उस पर आटे का दोमुखी दीया थोड़ा-सा सरसों का तेल डाल कर जलाएं। समस्याओं के निराकरण की प्रार्थना करें और दीपक ठंडा होने पर होलिका में डाल आएं। लाभ होगा।

इस मंदिर में आज भी बजरंगबली कर रहे हैं नृत्य

किसी ने आपके ऊपर तांत्रिक अभिचार किया हुआ है जिसके कारण आपकी प्रगति ठप्प हो गई है तो देसी घी में भीगे दो लौंग, एक बताशा, एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख लाकर शरीर पर मलें और नहा लें। 

यदि आपको लगता है कि बच्चे को किसी की नजर लग गई है तो देसी घी में भीगे पांच लौंग, एक बताशा, एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख ला कर ताबीज में भर कर बच्चे को पहनाएं।

घर को लगी बुरी नजर उतारने का यह स्वर्णिम अवसर है। देसी घी में भीगे दो लौंग, एक बताशा, मिश्री, एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख लाकर लाल कपड़े में बांध कर घर में रखें।

व्यापार वृद्धि तथा नजर उतारने के लिए दुकान, आफिस या कार्यालय में सायंकाल एक सफेद कपड़े पर गेहूं और सरसों की 7-7 ढेरियां रखें। इन पर एक एक काली मिर्च रखें। 7  नींबू  के 2-2 टुकड़े करके इन ढेरियों पर रखें। निम्न मंत्र का 7 बार पाठ करें- ओम् कपालिनी स्वाहा!  पाठ समाप्ति पर इस सारी सामग्री की पोटली बनाकर लाल मौली से गांठ लगाकर बांध लें और दुकान या घर में एक सिरे से आरंभ करके चारों कोनों पर घुमा कर बाहर ले आएं। इस पोटली को होलिका में डाल दें।

क्या होता है होलाष्टक, इस दौरान क्यों नहीं करते शुभ काम ?

Related Stories:

RELATED होलिका दहन: ये है शुभ मुहूर्त और पूरा विधि-विधान