पंजाब सहित इन 6 राज्यों को ई-विधान का प्रशिक्षण देगा हिमाचल, पढ़ें खबर

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा की ई-विधान प्रणाली को लेकर 6 राज्यों के लिए 21 से 23 सितम्बर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें संबंधित राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा सचिव एवं अधिकारियों के हिस्सा लेने की संभावना है। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी इस आयोजन में शिरकत कर सकती हैं। हालांकि अब तक आधिकारिक रूप से उनके शिमला कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।

पूरा देश अपनाएगा हिमाचल का ई-विधान मॉडल
जिन राज्यों के लिए यह कार्यक्रम रखा गया है, उसमें पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात शामिल हैं। इस तरह चरणबद्ध तरीके से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के ई-विधान मॉडल (पेपरलैस वर्किंग) को पूरा देश अपनाएगा, जिसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा। लोकसभा और राज्यसभा सहित राज्यों की कुल 40 विधानसभाओं में इस प्रणाली को अपनाने के लिए दिल्ली में संसदीय कार्य सचिव की तरफ से बाकायदा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। लोकसभा और राज्यसभा में अधिकारियों के लिए हिमाचल विधानसभा की ई-विधान प्रणाली का संचालन कर रही टीम ने अब तक 2 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं।

नैशनल ई-विधान अकादमी को स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा हिमाचल
ई-विधान के बाद हिमाचल प्रदेश नैशनल ई-विधान अकादमी को धर्मशाला स्थित तपोवन में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस सिलसिले में विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार से चर्चा की है।

वर्ष के अंत में ई-विधान तकनीक से जुड़ेंगे हिमाचल के सभी विधानसभा क्षेत्र
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में ई-विधान तकनीक को अपनाने के बाद अब प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों को इस साल के अंत ई-विधान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक राज्य के 18 विधानसभा क्षेत्रों में इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके चलते संबंधित अधिकारी अपनी प्रगति रिपोर्ट अब ई-विधान पर भेज रहे हैं। इस साल के अंत तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में ई-विधान प्रणाली लागू करने वाला भी हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बन जाएगा।

तिब्बतियन सरकार के अधिकारी भी ले चुके हैं प्रशिक्षण
निर्वासित तिब्बतियन सरकार के सैटलमैंट अधिकारी भी ई-विधान प्रणाली को लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। ये अधिकारी भारत और नेपाल में अलग-अलग स्थानों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन अधिकारियों ने अपने दौरे के दौरान देश की सर्वप्रथम ई-विधान प्रणाली को समझने का प्रयास किया है।

वर्ष 2014 में शुरू हुई ई-विधान प्रणाली
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 6 अगस्त, 2014 से ई-विधान प्रणाली शुरू हो चुकी है। इस प्रणाली को अपनाने से 15 करोड़ रुपए की सालाना बचत होने के अलावा करीब 6 हजार पेड़ कटने से बच रहे हैं। ई-विधान प्रणाली को अपनाने वाली हिमाचल प्रदेश विधानसभा देश की पहली विधानसभा है।      

 

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