यहां रेप के बाद जन्मे बच्चे पर होता है रेपिस्ट का हक

वाशिंगटन: रेप को दुनिया में सबसे घिनौना अपराध माना जाता है। कई देशों में ऐसे कृत्य को अंजाम देने वाले को फांसी की सजा, तो कहीं उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है मगर क्या आपने कभी सुना है कि जिसने रेप किया है वह उस रेप से जन्मे बच्चे का पिता माना जाता है। सुनने में यह बात अजीब लग रही होगी लेकिन अमरीका के 5 राज्यों में ऐसा ही कानून है, जहां रेप पीड़िता के बच्चे के पिता होने का हक रेपिस्ट को दे दिया जाता है। शायद यह सुनकर आप हैरान हो सकते हैं कि अमरीका में हर साल लगभग 32 हजार महिलाएं रेप की वजह से प्रैग्नैंट हो जाती हैं। खबर के मुताबिक ऐसी ही कुछ महिलाओं ने अपनी आप बीती के बारे में बताया। साथ ही बताया कि कैसे जटिल कानून के कारण पीड़िता को जिंदगी भर इंसाफ नहीं मिल पाता। 
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मिशिगन में रहने वाली एक महिला ने बताया कि उसके साथ महज 12 साल की उम्र में रेप हुआ और वह प्रैग्नैंट हो गई थी। इस घटना को 10 साल बीत चुके हैं लेकिन उसे यह डर रहता है कि कहीं रेपिस्ट बच्चे से मिलने न पहुंच जाए। उन्होंने बताया कि एक दिन दुष्कर्मी की भतीजी का मैसेज आया कि वह अपने बच्चे से मिलना चाहता है, लेकिन महिला ऐसा नहीं करना चाहती थी। मिशिगन के कानून के अनुसार वहां दुष्कर्मी को अभिभावक होने का अधिकार होता है और वह जब चाहे तब बच्चे से मिल सकता है हालांकि अधिकार वापस लिया जा सकता है लेकिन इसके लिए पीड़िता को कोर्ट जाना होगा और बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। 
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क्या है अमरीकी कानून 
अमेरिकन जर्नल ऑफ आब्टैट्रिक्स एंड गाइनोकोलॉजी के आंकड़े बताते हैं कि 12 से 45 साल की उम्र के बीच की 5 फीसदी महिलाएं दुष्कर्म की वजह से गर्भवती होती हैं। साल 2015 में ओबामा प्रशासन ने रेप सर्वाइवर चाइल्ड कस्टडी एक्ट बनाया था। इसके  तहत अमरीकी राज्यों को ज्यादा बजट दिया गया ताकि रेपिस्ट को बच्चे के पिता होने का हक देने से इंकार करने वाली पीड़िता को आर्थिक मदद दी जा सके। 45 अमरीकी प्रांतों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में यह कानून अमल में लाया गया है लेकिन अलग-अलग राज्यों ने इसे अपने-अपने तरीके से लागू किया है। 
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डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया और 20 अमरीकी राज्यों में किसी रेपिस्ट का बच्चे का पिता होने का हक खत्म करने के लिए उसे अपराध में दोषी करार दिया जाना जरूरी है। आलोचकों का यह कहना है कि इस सूरत में उन पीड़िताओं की स्थिति खराब हो जाती है, जिनके मामले अदालतों तक पहुंच ही नहीं पाते हैं। हालात का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि करीब 7 अमरीकी राज्यों में ऐसा कोई कानून ही नहीं है जो रेपिस्ट को बच्चे पर हक जताने से रोकता हो। 

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