निजी डॉक्टरों की हड़ताल पर HC सख्त, सरकार को संविदा पर डॉक्टरों की नियुक्ति करने के दिए निर्देश

देहरादूनः उत्तराखंड में राज्यवासी डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। निजी डॉक्टरों ने क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर हड़ताल की हुई है। इसी के चलते सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। हड़ताल ने मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं अब यह मामला सदन से लेकर नैनीताल हाईकोर्ट तक गूंज रहा है।

जानकारी के अनुसार, निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के साथ-साथ निजी अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर हैं। सरकार और डॉक्टरों के बीच हुए गतिरोध पर अब नैनीताल हाईकोर्ट ने कहा कि सभी मरीजों के इलाज के लिए सरकार संविदा पर सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों को नियुक्ति दे। इसके साथ ही कोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर सरकार से जवाब मांंगा है।

वहीं इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उन्होंने हर सरकारी अस्पताल में 17 डॉक्टर नियुक्त कर दिए हैं। इसके साथ ही जो कमी रह गई है, उसे शीघ्र ही पूरा कर दिया जाएगा। बता दें कि नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने बुधवार को गुरविंदर चड्ढा की याचिका पर यह निर्देश सरकार को दिए।

 

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