NIT शिफ्टिंग मामलाः HC ने राज्य सरकार को लगाई फटकार, लिखित जवाब दाखिल करने के दिए निर्देश

नैनीतालः उत्तराखंड में नैनीताल हाईकोर्ट ने एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के स्थाई परिसर बनाए जाने के मामले में राज्य सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सरकार को लिखित जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान होना चाहिए।

जानकारी के अनुसार, कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति नारायण सिंह धनिक की युगलपीठ ने इस मामले की सुनवाई के बाद सरकार को फटकार लगाते हुए लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान होना चाहिए। वहीं वकील अभिजय नेगी ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से इस मामले में भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया कि आगामी सत्र में छात्रों को प्रवेश कहां दिया जाएगा। इसके बाद अदालत ने असंतुष्टि जाहिर की। एनआईटी के स्थायी परिसर के मामले में केन्द्र तथा राज्य सरकार उच्च न्यायालय को 4 वैकल्पिक स्थानों की सूची उपलब्ध करवाने में भी विफल रही है।

नेगी ने बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि उन्होंने संस्थान के स्थायी परिसर के लिये कौन से 4 वैकल्पिक स्थान चयनित किए हैं तो सरकार इस मामले में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पायी। श्री नेगी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि केन्द्र और राज्य सरकार श्रीनगर के सुमाड़ी में ही संस्थान के स्थायी परिसर स्थापित करने को लेकर सहमत हुई है।राज्य सरकार की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकी की बैठक का भी हवाला दिया गया।

इस मामले को उधमसिंह नगर निवासी जसबीर सिंह की ओर से चुनौती दी गई है। मामले को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए थे कि वह संस्थान के स्थायी परिसर के लिए 4 वैकल्पिक स्थानों की सूची अदालत को सौंपे और यह भी बताए कि छात्रों को आगामी सत्र के लिए प्रवेश कहां दिया जाएगा?


 

Related Stories:

RELATED खेलों को बढ़ावा दे रही है प्रदेश सरकार : जैन