कोहली को खली हार्दिक की कमी, बोले- अब विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को देना पड़ेगा चांस

नेपियर : न्यूजीलैंड की तेज पिचों पर वहला वनडे शुरू होने से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने विश्व कप में आदर्श गेंदबाजी संयोजन के लिए ऑलराउंडर हाॢदक पंड्या की मौजूदगी के महत्व पर जोर दिया। टीवी शो में महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते टीम इंडिया से बाहर पांड्या का जिक्र करते हुए कोहली ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को तीसरे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हार्दिक ऑलराऊंडर है। लेकिन अब जब वह टीम में नहीं है तो उनकी जगह हमें अतिरिक्त गेंदबाज को टीम में लेना होगा। इससे बल्लेबाजों की जिम्मेदारी बढ़ेगी।

हार्दिक की गैरमौजूदगी में खलील अहमद और मोहम्मद सिराज साबित हुए थे महंगे

हार्दिक के विकल्प के तौर पर खेले खलील अहमद और मोहम्मद सिराज के खिलाफ आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने पहले दो एकदिवसीय मैचों में आसानी से रन बटोरे थे जबकि विजय शंकर ने मेलबर्न में निर्णायक मैच में छह ओवर किफायती गेंदबाजी की। आदर्श गेंदबाजी संयोजन के बारे में पूछने पर कप्तान ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो यह आलराउंडर पर निर्भर करता है। अगर आप दुनिया की सबसे मजबूत टीमों को देखें तो उनके पास कम से कम दो आलराउंडर हैं, किसी टीम में तीन भी, इससे आपको काफी गेंदबाजी विकल्प मिलते हैं। कोहली ने कहा कि तीसरा तेज गेंदबाज तभी विकल्प है जब विशेषज्ञ आलराउंडर उपलब्ध नहीं हो। कोहली ने संकेत दिए कि श्रृंखला के दौरान कुछ खिलाडिय़ों को आजमाया जा सकता है जिससे युवा शुभमन गिल को मौका मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

आलराउंडर हो तो तीसरे तेज गेंदबाजों का नहीं सोचा जाता

कोहली ने मैकलीन पार्क में होने वाले पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच से पूर्व कहा- अगर विजय शंकर या हाॢदक जैसा खिलाड़ी नहीं खेलता है तभी तीन गेंदबाजों के साथ उतरना समझदारी भरा लगता है। क्योंकि अगर कोई आलराउंडर तेज गेंदबाजी के कुछ ओवर फेंक देता है तो जरूरी नहीं कि तीसरे गेंदबाज के रूप में आपको ऐसे गेंदबाज की जरूरत हो जो 140 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकता हो। हाॢदक की अनुपस्थिति पर कोहली ने कहा- मेरे तीन गेंदबाजों का समर्थन करना हो या एशिया कप, ऐसा तभी हुआ जब हाॢदक उपलब्ध नहीं था। हमें तीन तेज गेंदबाजों को खिलाना पड़ा। जब भी आलराउंडर उपलब्ध होता है आप तीसरे तेज गेंदबाज के बारे में नहीं सोचते जब तक कि हालात पूरी तरह से स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ नहीं हों।

‘बूइंग’ पर अधिक तवज्जो नहीं देते अब कोहली

विराट कोहली ने कहा कि वह क्रिकेट खेलते वक्त अब ‘बूइंग’ पर तवज्जो नहीं देते। कोशिश करते हैं कि उनकी ऊर्जा देश की क्रिकेट टीम की कप्तानी की ‘ बड़ी जिम्मेदारी’ पर लगाएं। आस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला के दौरान कोहली को दर्शकों की हूटिंग झेलनी पड़ी जिस पर रिकी पोंटिंग जैसे आस्ट्रेलियाई दिग्गजों ने भी आपत्ति जताई थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे से पूर्व कोहली ने कहा- यह मेरे कैरियर के बीच के दौर में होता था। यह 2014-15 में शुरू हुआ। मैं उस समय इन बातों पर बहुत ध्यान देता था लेकिन अब टीम का कप्तान होने के नाते मुझे इन पर फोक्स करने की जरूरत नहीं है।

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