Video: आ गई 22 फरवरी, क्या माफ होगा 50 लाख किसानों का 40 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ?

खंडवा: किसानों की ऋण माफी को लेकर अब राजनीति गर्माने लगी हैं। एक और कांग्रेस ऋण माफी योजना को किसानों के लिए हितकारी बता रही है, तो वहीं भाजपा अब इसे घाटे का सौदा बताने लगी हैं। गुरुवार को कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनैतिक दलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक दूसरे पर आरोप लगाए।
 



प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रवि सक्सेना खण्डवा पहुंचे। वे स्थानीय कांग्रेस दफ्तर गांधीभंवन में पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने एक घंटे के भीतर किसानों की कर्ज माफी की फाइल पर हस्ताक्षर कर अपना वचन पूरा किया। कमलनाथ सरकार तेजी से प्रदेश के मतदाताओं को दिए अपने वचन पूरे करने में लगी हुई है। रवि सक्सेना ने कहा कि 22 फरवरी से किसान कर्ज माफी का शंखनाद होगा इसके तहत पहले चरण में तक़रीबन 10 लाख 30 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। जय किसान ऋण माफी योजना में लगभग 50 लाख किसानों का 40 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ होगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार से किसानों की कर्जमाफी के प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे। सभी जिलों के प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जिले में जाकर इन प्रमाण पत्रों को किसानों को देंगे।



वहीं किसान ऋण माफी के कार्यान्वयन को लेकर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने सवाल खड़े किए। उन्होंने इस कर्ज माफ़ी को छलावा और बर्बादी बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का बजट पारित हो चुका हैं। सेवा सहकारी समितियों का 50 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज हैं और बैंकों का अलग। उन्होंने कहा कि सरकार ने आदेश जारी किया हैं कि 75 फीसदी प्रदेश सरकार भार उठाएंगी और 25 फीसदी सेवा सहकारी समिति देंगी। इसमें सहकारी समितियां बर्बाद हो जाएंगी। उन्हें नीलम करके भी कर्ज नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे में सहकारिता आंदोलन भी तबाह हो जायगा। उन्होंने सरकार के इस फैसले का विरोध किया। सांसद नंद कुमार ने कहा कि संगठन आदेश करेगा तो धरना प्रदर्शन भी किया जाएंगा। 

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