बटाला में धूमधाम से होगा बाबा नानक का विवाह

बटाला(साहिल):सिख धर्म के बानी श्री गुरु नानक देव जी का जन्म पिता महिता कालू (श्री कल्याण दास) जी के घर माता तृप्ता जी की गर्भ से राए भोई की तलवंडी ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में उस समय हुआ, जब भारत के राजनीतिक, समाजिक और धार्मिक हालत निराशाजनक थे । सारा देश जाति-पात, ऊंच-नीच और ईर्ष्या की आग में जल रहा था। बचपन में ही आप ने भ्रमों में फंसे लोगों को सच का रास्ता दिखाने के प्रयास किए। थोड़े समय बाद आप जी को बड़ी बहन बेबे नानकी जी के पास सुल्तानपुर लोधी में रहने के लिए भेज दिया गया, जहां गुरु जी के जीजा जय राम जी ने  उनको नवाब दौलत खां के मोदीखाने में मोदी की नौकरी दिलवा दी। 

बाबा जी की मंगनी
18 वर्ष की आयु में आप जी की मंगनी बटाला के रहने वाले खत्री मूल चंद पटवारी और माता चंदो रानी की सपुत्री सुलखनी से हो गई। 

गुरु जी का बारात के रूप में बटाला आना
संमत 1544 को आप  बरातियों जिनमें भाई बाला जी, भाई मरदाना जी, भाई हाकम राए जी और नवाब दौलत खां और सज्जनों, रिश्तेंदारों और परिवार के साथ सुल्तानपुर लोधी से कपूरथला, सुभानपुर, बाबा बकाला से होते हुए इतिहासिक शहर बटाला पहुंचे। गुरु जी की बारात के बटाला पहुंचने पर शहर के वरिष्ठ व्यक्तियों और रिश्तेदारों द्वारा जिनमें प्रमुख तौर पर अजिता रंधावा जी भी शामिल थे, जोरदार स्वागत किया गया।  बारात का ठहराव जिस जगह पर किया गया । वह गुरुद्वारा श्री कंध साहिब जी के अस्थान के नाम से प्रसिद्ध है।  जिस जगह पर गुरु जी द्वारा फेरों की रस्म अदा की गई वह अस्थान गुरुद्वारा डेरा साहिब जी के नाम पर प्रसिद्ध है। यहां बारात ठहराई गई वह हवेली भाई जमीत राए बंसी की थी।  यहीं एक कच्ची दीवार थी, जिसके नीचे गुरु जी ने कुछ समय निवास किया था।

इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला ने गुरु जी को कहा कि यह दीवार कच्ची है, जो कि टूटने वाली है। यहां से उठ कर एक तरफ हो जाओ तो श्री गुरु नानक देव जी ने कहा कि माता भोलीए, यह कंध जुगा-जुगातरा तक कायम रहेगी और हमारे विवाह की यादगार होगी। यह कच्ची दीवार गुरुद्वारा श्री कंध साहिब में शीशे के फ्रेम में सुरक्षित आज भी मौजूद है। लाखो संगते आज भी इस पवित्र गुरूद्वारा श्री कंध साहिब के दर्शन करके अपना जीवन सफल कर रही हैं। बाद में महाराजा नौनिहाल ने इस स्थान पर पक्का गुरु अस्थान बनवाया था।

विवाह पूर्व से संबंधित जोड़ मेला
श्री गुरू नानक देव जी के विवाह पूर्व से संबंधित जोड़ मेला हर वर्ष गुरूद्वारा श्री कंध साहिब में बहुत ही धूमधाम और श्रद्धाभावना से मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर से लाखो की संख्या में संगत इस अस्थान पर आकर हाजरी भरती है और गुरू घर की खुशियां प्राप्त करती है। गुरूद्वारा श्री कंध साहिब जी का प्रबंध शिरोमणि कमेटी के पास है। जहां लाखों की संख्या में पहुंचने वाली संगत के ठहरने और लंगर का खास प्रबंध किया जाता है। शिरोमणि कमेटी द्वारा गुरू जी को समर्पित दो शिक्षण अदारे गुरु नानक कालेज और गुरु नानक देव अकादमी भी खोली है। श्री गुरु नानक देव जी के विवाह पूर्व से संबंधित  स्थान श्री कंध साहिब और श्री डेहरा साहिब के अतिरिक्त कई अन्य महत्वपूर्ण दर्शन योग्य इतिहासिक अस्थान भी बटाला में मौजूद हैं, जिसका विवरण  इस वर्ष श्री गुरु नानक देव जी का विवाह 16 सितम्बर 2018 को बहुत श्रद्धाभावना से मनाया जाएगा।  

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