CID ने अदालत में कहा: ड्रग मामले में संजीव भट्ट को हिरासत में लेने की जरूरत

अहमदाबाद: पुलिस ने सोमवार को गुजरात उच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की हिरासत की जरूरत है ताकि उस मादक पदार्थ के स्रोत का पता लगाया जा सके जिसे उनके जूनियर अधिकारियों ने 1996 में एक आदमी को फंसाने के लिए रखा था। बनासकांठा जिले के पालनपुर में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने सीआईडी-अपराध के उस आवेदन को खारिज कर दिया था जिसमें सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक आई बी व्यास और भट्ट की हिरासत मांगी गई थी। इसके बाद पुलिस ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आर पी ढोलरिया ने सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। 

उच्च न्यायालय ने दिया था तीन महीने में रिपोर्ट सौंपने का आदेश
जून में, उच्च न्यायालय ने सीआईडी ​​को मामले की जांच करने और तीन महीने में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। आरोप है कि 1996 में राजस्थान के पाली के वकील सुमेरसिंह राजपुरोहित को फंसाने के लिए पुलिस ने होटल के कमरे में एक किलोग्राम अफीम रखा था। लोक अभियोजक मितेश अमीन ने सोमवार को उच्च न्यायालय से कहा कि सीआईडी ​​को भट्ट से पूछताछ की जरूरत है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अफीम कहां से लायी गई और किसके आदेश पर इसे रखा गया था। भट्ट के वकील आई एच सैयद ने हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि राजस्थान में भट्ट के खिलाफ मामला दर्ज होने पर इन सभी मुद्दों की जांच की गई थी और एक घटना के लिए किसी को भी दो बार जांच के अधीन नहीं किया जा सकता। 

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