जीएसएलवी एमके3-डी2/जीसेट-2 अभियान की उलटी गिनती शुरू

चेन्नईः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चक्रवाती तूफान‘गाजा’के खतरे के बीच 14 नवंबर को तमिलनाडु के श्रीहरिकोटा से संचार उपग्रह जीएसएटी-29 प्रक्षेपित करेगा। इसरो सूत्रों ने बताया कि 3,423 किलोग्राम वजनी उपग्रह को प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एमके3-डी2 के जरिए श्री हरिकोटा रेंज स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लांच पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। बहरहाल मौसम विभाग की ओर से चक्रवाती तूफान गाजा के तमिलनाडु तट की ओर बढऩे तथा पंबान और कुडालोर के तटों के बीच गुजरने से पहले इस तूफान के और गंभीर होने की चेतावनी दी गई है।

इसरो सूत्रों ने हालांकि कहा कि चूंकि लांच पैड और लांच यान दोनों ही सभी मौसम में प्रयोग के लिए उपयुक्त हैं, इसलिए यह कोई गंभीर चिंता का विषय नहीं है। उन्होंने बताया कि लांच अथराइजेशन बोर्ड की श्रीहरिकोटा में हुई बैठक के बाद तथा अभियान को हरी झंडी दिखाने के बाद उलटी गिनती शुरू की गई।  सूत्रों के मुताबिक उलटी गिनती के दौरान त्रिस्तरीय वाहन में ईंधन भरने का अभियान चलाया जाएगा जो कि गुरुवार को द्वितीय लांच पैड से शाम पांच बजकर आठ मिनट पर उड़ान भरेगा तथा 3423 किलोग्राम भार के सेटेलाइट को अंतरिक्ष कक्षा (जीटीओ) में स्थापित कर देगा।

सूत्रों ने बताया कि उड़ान भरने के 17 मिनटों के बाद सेटेलाइट अलग-अलग हो जायेंगे तथा 35975 किलोमीटर की ऊंचाई पर कक्षा में स्थापित कर दिए जाएंगे। बहु-बीम और बहुआयामी संचार उपग्रह अपने अंतिम जियोस्टेशनरी कक्षा (जीईओ) में स्थापित किया जाएगा। इसे अपनी कक्षा में स्थापित होने में कुछ दिन का समय लगेगा और यह 55 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थापित किया जाएगा।

 

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