दादी को वृद्धाश्रम में देखकर रोने वाली पोती अब दिखती है ऐसी, 11 साल बाद फिर चर्चा में फोटो

नेशनल डेस्कः सोशल मीडिया पर इन दिनों दादी-पोती के रोते हुए की तस्वीर काफी वायरल हो रही है। हालांकि यह तस्वीर 11 साल पुरानी है। अब दोनों काफी बद गए हैं और उनकी नई फोटो सामने आई है। वायरल फोटो में दिखने वाली पोती भक्ति अब बड़ी हो गई है। उसने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि मेरी दादी अपनी मर्जी से  वृद्धाश्रम में रह रही हैं, उन्हें किसी ने वहां नहीं भेजा। भक्ति ने कहा कि वह अपने माता-पिता से ज्यादा अपनी दादी के करीब है। दादी को घर नहीं ले जाने पर उसने कहा कि अब उन्हें यहां रहना अच्छा लगता है। दादी की यहां एक फैमिली सी बन गई है और वे यहां पर खुश है। भक्ति ने कहा कि वह हर रोज अपनी दादी से बात करती है और दादी भी कभी-कभी उनके मम्मी-पापा के घर आती है। भक्ति ने कहा कि मेरे पेरेंट्स के बारे में काफी गलत बोला जा रहा है। अगर मेरे पापा गलत होते तो मैं भी उनसे रिश्ता खत्म कर देती।


उसने कहा कि कुछ लोग अपनी मर्जी से ऐसे वृद्धाश्रम में रहते हैं क्योंकि उनको वहां उनके जैसा साथ मिल जाता है और उन लोगों में एक मेरी दादी दमयंती भी, हमने उनकी इच्छा पर ही उन्हें वृद्धाश्रम रहने दिया है। दमंयती बेन ने भी यही कहा कि वे अपनी मर्जी से यहां पर हैं। ऐसा नहीं था कि मुझे घर से निकाल दिया गया , बस मैं शांति से रहना चाहती थी, इसलिए यहां आई। बता दें कि इस फोटो को कल्पित भचेच ने  12 सितंबर, 2007 को तब खींचा था जब अहमदाबाद के मणिनगर के एक स्कूल की बच्चियां वृद्धाश्रम गईं तो एक बच्ची बुजुर्ग महिला को देखकर रोने लग गई। उस बच्ची ने बताया कि यह मेरी दादी हैं।

इन दिनों सोशल मीडिया पर यह तस्वीर काफी वायरल हो रही है और यूजर्स इस पर काफी कमेंट कर रहे हैं। यहां तक कि क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी इसे अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया था। भक्ति ने कहा कि वो पल ही ऐसा था क्योंकि मुझे बताया गया था कि मेरी दादी किसी रिश्तेदार के घर रहने गई हैं दादी को वृद्धाश्रम में देखकर मैं अपनी भावनाएं नहीं रोक पाई और हम एक-दूसरे से लिपट कर रोने लग गई। बाद में मुझे बताया गया कि दादी अपनी खुशी से वहां गई हैं।

 

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