अनाज मंडी में बारिश की भेंट चढ़ा गेहूं

जींद (संदीप):बारिश के चलते नई अनाज मंडी में सरकारी खरीद एजैंसी द्वारा खरीद किया गया हजारों किं्वटल गेहूं भीग गया, जिसे वीरवार को दिनभर आढ़ती धूप ने सुखाने की कोशिशें करते रहे। सरकारी खरीद एजैंसियों द्वारा समय पर गेहूं का उठान न होने के चलते बुधवार को आई बारिश में हजारों गेहूं से भरे-भराए कट्टे भीग गए। वीरवार को मंडी के आढ़ती बारिश की भेंट चढ़े इन कट्टों को अपनी दुकानों के सामने व कॉमन फड़ों पर पूरा दिन इन्हें अलग अलग फैलाकर व कट्टों को उलट कर सुखाते नजर आए। नई अनाज मंडी में गेहूं भीगकर भारी दुर्गंध मार रहा था। कई आढ़ती गेहूं को सुखाकर वापस इन्हें कट्टों में भरकर मजदूरों से चट्टे लगवा रहे थे। खुले आसमान के नीचे बगैर ढके रखे इन कट्टों के नीचे से भी पानी बह गया।

बारिश में भीगने वाले इन गेहूं से भरे कट्टों का खरीद एजैंसियों ने कोई लदान नहीं किया। आढ़तियों का मानना है कि सरकारी खरीद एजैंसियों द्वारा पिछले सप्ताह ही खरीद बंद किए जाने के बावजूद लदान में हुई ढील के चलते ये कट्टे अभी तक उनकी दुकानों के सामने व कामन फड़ों पर लगे थे, जिनकी उन्हें रखवाली करनी पड़ रही है। अगर समय पर ही तुरंत इनका उठान हो जाता तो इन कट्टों की बारिश में भीगने की नौबत नहीं आती। 

 जब तक गेहूं के कट्टों का अनाज मंडी से उठान होकर गोदामों में नहीं पहुंच जाता, तब तक मंडियों में रखे उनके द्वारा खरीद किए गए कट्टों की सारी जिम्मेदारी आढ़तियों की है। वो सरकारी नियमों अनुसार कट्टों में परखी मारकर अनाज मंडी से गेहूं का उठान करेंगे और 12 प्रतिशत से कम नमी वाले गेहूं को ही मंडी से उठाकर गोदामों में पहुंचाया जाएगा। वो मंडी से प्रत्येक गेहूं के कट्टे को सरकारी नियमों मुताबिक भली भंाति चैक कर के ही उठाएंगे।
राजेश आर्य, डी.एफ.एस.सी. कम नोडल अधिकारी, जींद। 

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